अलवर में 900 सफाईकर्मी हड़ताल पर, वीडियो में जाने अनुभव प्रमाण पत्र नहीं मिलने से नाराज; मेयर की कार के आगे बैठीं महिला कर्मचारी
राजस्थान के अलवर में गुरुवार शाम करीब 900 सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए। अनुभव प्रमाण पत्र नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने सफाई का काम बंद कर दिया। नगर निगम प्रशासन और सफाईकर्मियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल का फैसला लिया। सफाईकर्मियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र नहीं दिए जाते, तब तक शहर में सफाई नहीं की जाएगी। हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों के काम बंद करने से जगह-जगह कचरा जमा होने और आम लोगों को परेशानी होने की स्थिति बन सकती है।
नगर निगम परिसर में जुटे सफाईकर्मी
गुरुवार शाम को बड़ी संख्या में सफाईकर्मी नगर निगम कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला सफाईकर्मी मेयर की कार के आगे बैठ गईं।कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अनुभव प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी मांग पर सुनवाई नहीं हो रही। लगातार इंतजार और अधिकारियों से बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने काम बंद करने का निर्णय लिया।
अनुभव प्रमाण पत्र नहीं मिलने पर नाराजगी
सफाईकर्मियों के विरोध की मुख्य वजह अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाना है। कर्मचारियों की मांग है कि निगम प्रशासन उन्हें जल्द से जल्द प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए। उनका कहना है कि अनुभव प्रमाण पत्र नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इस मुद्दे पर नगर निगम प्रशासन और सफाईकर्मियों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।
रात की सफाई भी बंद, शहर में बढ़ सकती है परेशानी
सफाईकर्मियों ने गुरुवार रात होने वाली सफाई भी बंद कर दी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अनुभव प्रमाण पत्र मिलने तक काम शुरू नहीं किया जाएगा। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है, तो शहर की सफाई व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है।शहर के विभिन्न इलाकों में नियमित सफाई नहीं होने से कचरे के ढेर लगने की आशंका है। इससे स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, कचरा जमा होने की वास्तविक स्थिति और हड़ताल से प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
समाधान के लिए निगम प्रशासन पर नजरें
करीब 900 सफाईकर्मियों के काम बंद करने से नगर निगम के सामने सफाई व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।फिलहाल सफाईकर्मी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि अनुभव प्रमाण पत्र जारी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

