16 ग्राम पंचायतों पर 1.13 करोड़ का बिजली बिल बकाया, वीडियो में जाने भुगतान नहीं होने पर पानी सप्लाई बंद करने की चेतावनी
उमरैण सहायक अभियंता कार्यालय के अधीन आने वाले पंचायत समिति क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों पर करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया हो गया है। बकाया राशि की वसूली के लिए बिजली विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है, जिससे संबंधित पंचायतों और जनप्रतिनिधियों में हलचल मच गई है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में पिछले कई वर्षों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया है। इसी कारण अब विभाग ने बकाया वसूली के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
उमरैण क्षेत्र के सहायक अभियंता (AEN) कमलेश कुमार शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के तहत ग्राम विकास अधिकारियों (GDO) और जनप्रतिनिधियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिसों में जल्द से जल्द बकाया बिजली बिल जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगे की कार्रवाई से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर एकल बिंदु थ्री-फेज बिजली कनेक्शन और जल जीवन मिशन के तहत संचालित बोरवेल मोटरों पर बिजली बिल का बड़ा बकाया चल रहा है। इन कनेक्शनों के माध्यम से गांवों में पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन लंबे समय से बिल जमा नहीं होने के कारण विभाग को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
बिजली विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 20 से 25 मार्च तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो संबंधित गांवों की पानी सप्लाई की बिजली काट दी जाएगी। इसके साथ ही विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर भी उतार लिए जाएंगे, जिससे पानी की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
विभाग की इस चेतावनी के बाद पंचायतों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बिजली कटने से गांवों में पानी की सप्लाई रुक सकती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई पंचायत प्रतिनिधि अब जल्द से जल्द बकाया राशि जमा कराने के प्रयास में जुट गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद कई पंचायतों ने बिल जमा नहीं कराया, जिसके कारण अब सख्ती करना जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय पर भुगतान कर दिया जाता है, तो किसी भी तरह की कार्रवाई से बचा जा सकता है।
बिजली विभाग का यह कदम बकाया वसूली के साथ-साथ पंचायत स्तर पर बिजली बिल के नियमित भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए पंचायतों को समय पर बिजली बिल का भुगतान करना होगा।
फिलहाल विभाग ने संबंधित पंचायतों को अंतिम मौका दिया है। यदि तय समय सीमा के भीतर बकाया जमा नहीं किया गया, तो विभाग द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसका सीधा असर ग्रामीण इलाकों की पानी सप्लाई पर पड़ सकता है।

