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Allahbad विवि में छात्रों को मिलेगा उपचार प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय की पहल  परिसर में हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे, कार्य परिषद की मंजूरी
 

Allahbad विवि में छात्रों को मिलेगा उपचार प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय की पहल  परिसर में हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे, कार्य परिषद की मंजूरी

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों को यूनिवर्सिटी कैंपस में उपचार की सुविधा जल्द मिलेगी. राज्य विश्वविद्यालय में परिसर में हेल्थ सेंटर खोलेगा. इसके लिए कार्य परिषद ने मंजूरी दे दी है. डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन को पत्र लिखा है. कैंपस में हेल्थ सेंटर के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. डॉक्टरों की नियुक्ति होते ही हेल्थ सेंटर में इलाज शुरू हो जाएगा. इसी सत्र से परिसर में छात्राएं एवं शिक्षक भी रहने लगे हैं.
कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि हेल्थ सेंटर में दो डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र लिखा गया है. इसमें एक-एक महिला व पुरुष डॉक्टर और दो वार्ड ब्याय होंगे. ये डॉक्टर सेंटर पर विवि के समय पर उपस्थित रहेंगे. इसमें यह भी तय किया गया है कि आधे वक्त महिला डॉक्टर और आधे वक्त पुरुष डॉक्टर की तैनाती होगी.

शिक्षक कल्याण कोष का गठन
पीआरएसयू में शिक्षक कल्याण कोष का गठन कर दिया गया है, जिसे ‘शिक्षक कल्याण कोष अनुदान नियमावली’ का नाम दिया गया है. शिक्षक कल्याण कोष से आर्थिक सहायता के पात्र केवल विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों के मौलिक पद पर कार्यरत नियमित शिक्षक व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के वह शिक्षक होंगे, जिनकी विश्वविद्यालय द्वारा अनुमोदित सेवा अवधि पांच वर्ष होगी.
शिक्षक कल्याण कोष के लिए मूल्यांकन पारिश्रमिक से कटौती का प्रावधान किया गया है, लेकिन सेवानिवृत्त शिक्षकों के मूल्यांकन पारिश्रमिक से शिक्षक कल्याण कोष में कोई कटौती नहीं की जाएगी. कैंसर, गुर्दे, ह्दय रोग, मस्तिष्क रोग जैसी गंभीर असाध्य बीमारियों की शल्य चिकित्सा के लिए प्राप्त आवेदनों पर शिक्षक कल्याण कोष समिति की ओर विस्तृत परीक्षण किए जाने के बाद अधिकतम ढाई लाख रुपये तक चिकित्सालय के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से सीधे भेजे जाएंगे. सेवा अवधि में दुर्घटना होने पर एक लाख रुपये तक का आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जाएगा. सेवा काल में किसी शिक्षक के आकस्मिक निधन पर आश्रितों को तीन लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी.


इलाहाबाद न्यूज़ डेस्क
 

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