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Allahbad 16 करोड़ रुपये के गबन में 11 साल बाद एक गिरफ्तार, 18 के खिलाफ हुआ था मुकदमा 
 

Allahbad 16 करोड़ रुपये के गबन में 11 साल बाद एक गिरफ्तार, 18 के खिलाफ हुआ था मुकदमा 


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   जिला पंचायत के 16 करोड़ रुपये की हेराफेरी कर गबन करने वालों के खिलाफ 11 साल बाद कार्रवाई शुरू हो गई है. कर्नलगंज थाने में दर्ज मुकदमे की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने राजरूपपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस मुकदमे में बैंककर्मियों की मिलीभगत से खेल हुआ था. बैंक मैनेजर समेत अन्य आरोपियों की ईओडब्ल्यू तलाश कर रही है.
प्रयागराज में तैनात रहे जिला पंचायत राज अधिकारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने 22 अप्रैल 2011 को कर्नलगंज थाने में लेखाधिकारी विनय श्रीवास्तव समेत 18 के खिलाफ 16 करोड़ रुपये गबन करने का मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि शातिरों ने सरकारी धन को हड़पने के लिए राजरूपपुर स्थित पीएनबी की शाखा में जिला ग्राम विकास अधिकरण के नाम से सरकारी खाता खुलवाकर उसमें करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए. इसके बाद मिलीभगत से रुपये निकाल लिए गए.

ईओडब्ल्यू ने हस्ताक्षर का मिलान कराया
कर्नलगंज पुलिस ने करोड़ों के गबन की जांच को आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दिया. वर्षों बाद आर्थिक अपराध शाखा को जांच मिली तो वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल शुरू हो गई. चेक और लेटर पर किए गए अफसरों के हस्ताक्षर का मिलान कराया गया. नामजद आरोपियों का कहना था कि उन्होंने बड़े साहब के हस्ताक्षर पर रुपये ट्रांसफर किए. छानबीन में पता चला कि कई कर्मचारियों की इसमें कोई संलिप्तता नहीं है. उनके बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर भी नहीं हुए थे. तत्कालीन बैंक मैनेजर सत्यदेव की संलिप्तता सामने आई.
कोरोना काल में गुजर गए अफसर
आर्थिक अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक जांच में तीन मुख्य आरोपी बने हैं, जिसमें मुकदमा दर्ज कराने वाले जिला पंचायत राज अधिकारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव भी शामिल थे. लेकिन पिछले साल कोरोना काल में उनका देहांत हो गया. दूसरा आरोपी बैंक मैनेजर सत्यदेव और तीसरा राजरूपपुर का मनोज पांडेय है. मनोज पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. फरार बैंक मैनेजर सत्यदेव समेत अन्य की तलाश चल रही है.


इलाहाबाद न्यूज़ डेस्क
 

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