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Aligarh  द किलिंग मशीन ए गैंग के नाम से बनाया था गैंग
 

Aligarh  द किलिंग मशीन ए गैंग के नाम से बनाया था गैंग


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   मुनीर अलीगढ़ मुस्लिम विवि में पढ़ाई के लिए आया. मगर, वह जुर्म के रास्ते पर चल निकला. पहले उसने खुद अपराधिक किस्म के लोगों से अपराध का पाठ पढ़ा. इसके बाद अलीगढ़ में खुद अपराध की पाठशाला खोल ली और कुल छह रजिस्टर्ड अपराधियों के साथ उतर गया जरायम पेशे में.

मुनीर 2014 के बाद पश्चिम यूपी में जरायम पेशेवर के तौर पर वेस्ट यूपी में बड़ा नाम हो गया था. 2016 में उसने जब तंजील अहमद की हत्या की तो उसे देश-प्रदेश में सुर्खियां बटोंरी. इस मर्डर से पहले मुनीर ने अलीगढ़ में अपराध की पाठशाला खोली. द किलिंग मशीन ए गैंग के नाम से गैंग बनाया. इसका प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया पर करने लगा. छह अपराधी इस गैंग के पंजीकृत सदस्य हुए. मुनीर अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद को फॉलो करने लगा. उसी के नक्शे कदम पर वह बेखौफ होकर वारदात करने लगा. मुनीर के गैंग में फर्रुखाबाद का आशुतोष मिश्रा, अंबेडकर नगर टांडा का सऊद, अलीगढ़ के बरला का जुबैर, जुबैर का भाई सद्दाम, जो कि बाद में मारा गया. बिहार का अतीउल्लाह, आजमगढ़ का सादाब शामिल रहा. अतीउल्लाह गैंग के सोशल मीडिया हैंडल को देखता था.
क्या है जीबी सिंड्रोम मुनीर जीबी सिंड्रोम नाम की बीमारी से पीड़ित था. जीबी सिंड्रोम यानी कि गुलियरन बैरे सिंड्रोम एक ऐसा विकार है, जिसमें रोगी के शरीर में पहले सिहरन या दर्द होने लगता है. फिर उसके बाद उसकी मांसपेशियां कमजोर होने लगती है. कई बार मरीज को लकवा मार देता है. ज्यादा गंभीर होने पर इस बीमारी से मरीज की मौत भी हो जाती है.


अलीगढ़ न्यूज़ डेस्क
 

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