Samachar Nama
×

अजमेर स्मार्ट सिटी विवाद में यूथ कांग्रेस का हंगामा, वीडियो में देखें बैरिकेड्स पलटकर कलेक्ट्रेट में पहुंचे कार्यकर्ता

अजमेर स्मार्ट सिटी विवाद में यूथ कांग्रेस का हंगामा, वीडियो में देखें बैरिकेड्स पलटकर कलेक्ट्रेट में पहुंचे कार्यकर्ता

स्मार्ट सिटी योजना में कथित भ्रष्टाचार को लेकर यूथ कांग्रेस का आक्रोश गुरुवार को सड़कों पर फूट पड़ा। भारी पुलिस बंदोबस्त के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में घुसकर जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ जमकर गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शन ने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया, जिसके चलते पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।

सुबह से ही यूथ कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के बाहर एकत्रित होने लगे थे। उनके हाथों में ‘भ्रष्टाचार नहीं चलेगा’, ‘स्मार्ट सिटी – भ्रष्टाचार की नगरी’ जैसे पोस्टर और तख्तियां थीं। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, वैसे ही माहौल भी गरमाता गया। पुलिस ने कलेक्ट्रेट के बाहर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स को पलट दिया और कलेक्ट्रेट के अंदर घुस गए।

आंदोलनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि अजमेर स्मार्ट सिटी योजना के तहत किए जा रहे निर्माण कार्यों और ठेकों में गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार सामने आए हैं, लेकिन प्रशासन इस पर चुप्पी साधे बैठा है। कार्यकर्ताओं ने सीधे कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच किया और कलेक्टर चैंबर के बाहर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने की कोशिश की, लेकिन जवाब में कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिरोध किया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। कुछ देर के लिए कलेक्ट्रेट का कामकाज ठप हो गया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को काबू में करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन वे एफआईआर दर्ज करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग पर अड़े रहे।

यूथ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये बर्बाद किए जा रहे हैं और ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस विकास दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर ले जाया जाएगा।

प्रशासन की ओर से अब तक इस प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो कुछ प्रमुख कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

अजमेर में हुए इस उग्र प्रदर्शन से यह साफ हो गया है कि स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर जनता और विपक्षी संगठन अब और चुप बैठने को तैयार नहीं हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ सकता है।

Share this story

Tags