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वीडियो में देखें राजस्थान में तैयार हुई भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स ‘भैरव’, हाईटेक लडाई के लिए एक लाख से ज्यादा ड्रोन ऑपरेटर्स को मिली ट्रेनिंग

वीडियो में देखें राजस्थान में तैयार हुई भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स ‘भैरव’, हाईटेक लडाई के लिए एक लाख से ज्यादा ड्रोन ऑपरेटर्स को मिली ट्रेनिंग

देश की सुरक्षा को और मजबूत करने तथा आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना ने एक बड़ी पहल की है। राजस्थान के नसीराबाद में भारतीय सेना ने एक विशेष स्पेशल फोर्स तैयार की है, जिसका नाम ‘भैरव’ रखा गया है। यह फोर्स अत्याधुनिक तकनीक, नए युद्ध कौशल और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। ‘भैरव’ के साथ-साथ सेना ने एक लाख से ज्यादा ड्रोन ऑपरेटर्स भी तैयार किए हैं, जो आधुनिक युद्ध में अहम भूमिका निभाएंगे।

सेना के अधिकारियों के अनुसार, इन ड्रोन ऑपरेटर्स को ड्रोन उड़ाने, दुश्मन के ठिकानों की निगरानी करने, सटीक निशाना लगाने और वास्तविक ऑपरेशनों में ड्रोन के इस्तेमाल की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग से सेना की ऑपरेशनल क्षमता में जबरदस्त इजाफा हुआ है। अब युद्ध केवल जमीन पर सैनिकों की तैनाती तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि तकनीक आधारित रणनीति इसका अहम हिस्सा बन चुकी है।

फिलहाल ‘भैरव’ फोर्स जयपुर में तैनात है। यह फोर्स 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित होने वाली आर्मी डे परेड में हिस्सा लेगी, जहां इसकी ताकत और तैयारियों की झलक देखने को मिलेगी। माना जा रहा है कि यह परेड सेना के भविष्य के स्वरूप को दर्शाने वाली खास परेड होगी।

सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक दौर में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब साइबर वॉर, ड्रोन अटैक, सर्विलांस और हाई-टेक हथियारों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। ऐसे में पारंपरिक सैन्य ढांचे के साथ-साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस विशेष दस्तों की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी सोच के तहत ‘भैरव’ फोर्स की परिकल्पना की गई।

अधिकारियों के अनुसार, ‘भैरव’ फोर्स का गठन चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के विजन का हिस्सा है। यह बटालियन भारतीय सेना की फोर्स रिस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया का एक अहम अंग है। सेना को भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इसे नई सोच, नई तकनीक और नई ऑपरेशनल जरूरतों के अनुसार विकसित किया जा रहा है।

‘भैरव’ बटालियन में शामिल जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन, अर्बन वॉरफेयर, ड्रोन ऑपरेशन, रियल-टाइम इंटेलिजेंस और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता पर जोर दिया जा रहा है। इस फोर्स को कम समय में किसी भी चुनौतीपूर्ण हालात में तैनात किया जा सकेगा।

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ‘भैरव’ जैसी स्पेशल फोर्स और बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर्स भारतीय सेना को भविष्य के युद्धों में निर्णायक बढ़त दिला सकते हैं। यह कदम न सिर्फ देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगा, बल्कि भारतीय सेना को दुनिया की सबसे आधुनिक सेनाओं की कतार में खड़ा करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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