अजमेर में फर्जी कॉल से तबादला घोटाला: डिप्टी सीएम बनकर नर्सिंग ऑफिसर ने करवा लिया ट्रांसफर, वीडियो में देंखे जांच की तैयारी
राजस्थान के अजमेर में फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक नर्सिंग ऑफिसर पर वॉइस मॉडिफिकेशन ऐप के जरिए खुद को उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा बताकर तबादला करवाने का आरोप लगा है। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था में हड़कंप मचा दिया है।जानकारी के अनुसार, आरोप है कि संबंधित नर्सिंग ऑफिसर ने तकनीक का दुरुपयोग करते हुए अपनी आवाज, मोबाइल नंबर और प्रोफाइल को बदलकर फर्जी कॉल किए। इन कॉल्स के जरिए उसने विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाया और खुद को डिप्टी सीएम बताते हुए ट्रांसफर के आदेश हासिल कर लिए।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने एक बार नहीं बल्कि दो बार इसी तरीके से अपना तबादला करवाने की कोशिश की और कथित तौर पर सफलता भी हासिल की। इस दौरान उसने अधिकारियों को धमकाने और प्रभावित करने का भी प्रयास किया, जिससे प्रशासनिक हलकों में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी फिलहाल पुलिस तक पहुंची है, लेकिन अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण कोई औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही लिखित शिकायत प्राप्त होगी, मामले की विधिवत जांच शुरू कर दी जाएगी।
यह मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसमें सरकारी तंत्र के भीतर साइबर तकनीक के दुरुपयोग और फर्जी पहचान के जरिए निर्णय प्रभावित करने जैसी गंभीर बातें सामने आई हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि वॉइस मॉडिफिकेशन जैसी तकनीक के दुरुपयोग से प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। ऐसे मामलों में मजबूत सत्यापन प्रणाली और सख्त निगरानी की आवश्यकता और बढ़ जाती है। फिलहाल पूरे मामले की जांच संभावित रूप से साइबर सेल के जरिए की जा सकती है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस फर्जीवाड़े से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

