आतंकी हमले पर अजमेर दरगाह दीवान के पुत्र का बड़ा बयान, वीडियो में देखें बोले- आतंकियों को चुन-चुन कर मारने का वक्त आ गया
जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर देश को झकझोर दिया है। इस हमले में एक पर्यटक को उसका मजहब पूछकर मारा गया, जिसने देशभर में आक्रोश और चिंता का माहौल बना दिया है। इस निंदनीय हमले की कड़ी आलोचना करते हुए अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन के पुत्र नसरुद्दीन चिश्ती ने मंगलवार रात एक बयान जारी किया।
"मजहब पूछ कर मारा गया टूरिस्ट, इससे ज्यादा इंसानियत शर्मसार कहां होगी?"
नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में जिस प्रकार से एक निर्दोष टूरिस्ट को उसका मजहब पूछकर मारा गया, यह न केवल आतंकवाद का घृणित चेहरा है, बल्कि इंसानियत के नाम पर भी एक काला धब्बा है। इस तरह के हमलों से इंसानियत का सिर शर्म से झुकता है।"
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का यह कृत्य मानवता के खिलाफ है और यह किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है।
"आतंकियों को चुन-चुन कर खत्म करने का वक्त आ चुका है"
चिश्ती ने इस आतंकी हमले के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "अब वक्त आ चुका है कि इन आतंकियों को चुन-चुन कर खत्म किया जाए। जिन लोगों ने मजहब के नाम पर हत्या की है, उनका कोई धर्म या इंसानियत से कोई संबंध नहीं हो सकता। इन आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे कृत्य दोबारा न हों।"
भारत की विविधता और एकता को खतरा
नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि इस तरह के हमलों से न केवल निर्दोष लोगों की जान जाती है, बल्कि भारत की विविधता और एकता को भी खतरे में डाला जाता है। भारत, जो विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदायों का मिश्रण है, में इस तरह की घृणा फैलाना बेहद खतरनाक है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से सख्त कार्रवाई की अपील
चिश्ती ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से इस हमले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा, "जो लोग ऐसे हमले कर रहे हैं, वे केवल समाज को नफरत और डर की ओर ले जा रहे हैं। इन अपराधियों को सबक सिखाने की जरूरत है।"
शांति और भाईचारे का संदेश
अजमेर दरगाह की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नसरुद्दीन चिश्ती ने देशवासियों से अपील की कि इस कठिन समय में शांति और भाईचारे को बनाए रखें और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हों।
इस बयान के बाद न केवल अजमेर, बल्कि देशभर में इस हमले की निंदा की जा रही है और सभी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

