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Agra  बड़े अफसरों के खुद हस्ताक्षर करके बना ली फर्जी आईडी, लपके ने अमेरिका के नेवी सचिव को घुमाया था ताज, पुलिस ने थाने से छोड़ा
 

Agra  बड़े अफसरों के खुद हस्ताक्षर करके बना ली फर्जी आईडी, लपके ने अमेरिका के नेवी सचिव को घुमाया था ताज, पुलिस ने थाने से छोड़ा


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  गाइड की परीक्षा में फेल होने के बाद असद आलम खान ने फर्जी परिचय पत्र बनवा लिया. संयुक्त निदेशक पर्यटन और पर्यटन महानिदेशक के भी फर्जी हस्ताक्षर कर मुहर लगा ली. उसके बाद वीआईपी को खुलेआम ताजमहल का दीदार भी कराने लगा. इसी कार्ड के जरिए अमेरिका के नेवी सचिव को ताजमहल का भ्रमण कराने वाले लपके असद आलम को एसडीएम ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, लेकिन पुलिस ने उसे ये कहते हुए छोड़ दिया कि उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है.
फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर सबको प्रभावित करने वाले असद ने लंबे समय तक किसी को भी अहसास नहीं होने दिया कि वह लपका है. गले में यूपीटी का परिचय पत्र लटकाकर अतिविशिष्ट अतिथियों को ताज का दीदार कराता था. वीआईपी के साथ होने के कारण कभी किसी ने परिचय पत्र देखने की भी जरूरत नहीं समझी. खान के फर्जी परिचय पत्र पर अमेरिका के नेवी सचिव कार्लोस डेट टोरो को ताजमहल भ्रमण करने का खुलासा किया था. उसके बाद पूरे मामले की पड़ताल की तो असद के फर्जी परिचय पत्र का खुलासा हुआ. अब ये पता किया जा रहा है कि ये परिचय पत्र कहां से बना. क्या वहां से और लोगों के फर्जी परिचय पत्र तो नहीं बने हैं.

प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया. एसडीएम नीरज शर्मा ने असद आलम खां को पर्यटन थाने के सुपुर्द कर दिया. वहां से उसे थाना ताजगंज भेजा गया. ताजगंज प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि कोई तहरीर नहीं आई है.
पुख्ता सुबूत होने के बाद भी कार्रवाई नहीं
● एसडीएम नीरज शर्मा ने पुलिस को बताया था कि असद का परिचय पत्र फर्जी है. फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
● पर्यटन महानिदेशालय, पर्यटन विभाग आगरा ने भी फर्जी कार्ड की पुष्टि की, उसके बाद भी कार्रवाई नहीं
● नेवी सचिव के साथ रहने के लिए लिखित में भी कोई आदेश नहीं, सुरक्षा में लगी सेंध
● लाइजनिंग अफसर और एसडीएम के मना करने के बाद भी घुमाने ले गया
● महानिदेशक पर्यटन के फर्जी हस्ताक्षर से तैयार परिचय पत्र होने के बाद भी कार्रवाई में हीलाहवाली
मैंने  नेवी सचिव को भ्रमण कराने के जा रहे असद को रोका था. दिल्ली से आए नेवी सचिव के लाइजनिंग आफीसर ने भी साथ जाने से मना किया था, लेकिन वह नहीं माना. भ्रमण कराने के बाद आने पर मैंने उससे पूछा कि क्या उसके पास नेवी सचिव को घुमाने का आदेश है. इस पर वह कुछ नहीं दिखा पाया. मैंने पर्यटन थाने को सौंपते हुए कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे. वहां से थाना ताजगंज भेज दिया गया.
नीरज शर्मा, एसडीएम
परिचय पत्र पर मेरे दस्तखत फर्जी हैं. मेरे कार्यालय से इस तरह का कोई परिचय पत्र जारी ही नहीं किया गया. उस पर अंकित लाइसेंस संख्या भी पूरी तरह से गलत है. पर्यटन महानिदेशालय से भी इस तरह का कोई पत्र जारी नहीं किया गया है. इस तरह के अन्य लोगों की भी जानकारी की जा रही है, जो लोग इस तरह के परिचय पत्र से वीआईपी को भ्रमण करा रहे हैं.
-अविनाश चंद्र मिश्रसंयुक्त निदेशक पर्यटन


आगरा न्यूज़ डेस्क
 

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