Agra पंचायत में लगाए गए लांछन से क्षुब्ध हो महिला ने की खुदकुशी, भाई की तहरीर पर ढाई माह बाद बमुश्किल मुकदमा, दो युवक व उनके पिता नामजद
उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क जगदीशपुरा क्षेत्र के गांव अंगूठी में एक महिला के साथ छेड़छाड़ की गई. विरोध पर आरोपित पक्ष ने मारपीट की. गांव में पंचायत हुई. इसमें आरोपित ने महिला के चरित्र पर लांछन लगाए. आरोपों से आहत महिला ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली. विवाहिता के भाई ने घटना के ढाई महीने बाद नामजद मुकदमा लिखाया है. इसमें तीन लोगों पर खुदकुशी के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप है.
मुकदमा नई आबादी, एक मोहल्ले के युवक ने दर्ज कराया है. युवक ने बताया कि उसकी बहन की शादी गांव अंगूठी में हुई थी. गांव का प्रवेश उसकी बहन को आते-जाते परेशान किया करता था. 29 सितंबर को विरोध करने पर बहन-बहनोई का प्रवेश उसके भाई अरुण और पिता सत्यवीर से झगड़ा हो गया. मारपीट हुई. बहन ने 112 नंबर पर सूचना दी.
बिना कार्रवाई लौट गई पुलिस पुलिस आई मगर कोई कार्रवाई किए बिना गांव से वापस लौट गई. जानकारी पर मायके पक्ष के लोग 30 सितंबर को बहन की ससुराल अंगूठी पहुंचे. वहां दोनों पक्षों की पंचायत हुई. भरी पंचायत में अरुण ने उसकी बहन के चरित्र पर लांछन लगाए. उसकी बहन का नाम अपने भाई प्रवेश से जोड़ा. यह बोला कि उनके पास आपत्तिजनक वीडियो हैं. पंचायत में बहन के ससुर भी बैठे थे. अपने ऊपर लगे आरोपों से उनकी बहन सहम गई. फूट-फूटकर रोने लगी.
कहने लगी कि उसे बेवजह बदनाम किया जा रहा है. सभी लोगों ने बहन को बहुत समझाया. रात को बहन ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली. एक अक्तूबर को बहन के शव का पोस्टमार्टम हुआ. विसरा सुरक्षित रखा गया है. एसीपी लोहामंडी गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रवेश, अरुण और उनके पिता सत्यवीर के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है. पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करेगी.
न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे लड़ाई
नगला मट्टू (खंदौली) में हाल के दिनों में छेड़छाड़ के विरोध में महिला के आत्महत्या मामले ने न्याय दिलाने के लिए समान अधिकार पार्टी ने कमर कस ली है. राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, शहर अध्यक्ष समोद पचौरी गांव पहुंच परिजनों का ढाढंस बंधाया और न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ने की बात कही. इधर चाणक्य सेना ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की.
पुलिस सुनती तो नहीं होती पंचायत
एक बार फिर पुलिस कठघरे में है. खंदौली में छेड़छाड़ पीड़िता को थाने से भगाया गया. जगदीशपुरा के गांव अंगूठी में छेड़छाड़ के विरोध पर मारपीट हुई. 112 नंबर पर सूचना दी गई पुलिस मौके पर पहुंची. कोई कार्रवाई नहीं की. इतना ही नहीं विवाहिता की मौत के बाद ढाई महीने तक मुकदमा नहीं लिखा गया. पीड़ित पक्ष मुकदमा लिखाने के लिए भटकता रहा.
मृतका के भाई ने बताया कि वह मुकदमा लिखाने के लिए भटक रहा था. कई बार पुलिस के पास गया. लखनऊ तक शिकायत की. बमुश्किल मुकदमा लिखा गया है. पुलिस यह कहकर मुकदमा नहीं लिख रही थी कि विसरा रिपोर्ट नहीं आई है. उसने पूछा कि विसरा रिपोर्ट आने से पहले मुकदमा क्यों नहीं लिखा जा सकता. पुलिस ने उसे कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया.
आगरा न्यूज़ डेस्क

