इन 10 कारणों से अटक जाता है आपके Health Insurance का पैसा, फटाफट जान ले ताकि गलती का ना रहे कोई चांस
बिज़नेस न्यूज़ डेस्क - क्या आपके पास भी स्वास्थ्य बीमा है या आप पॉलिसी खरीदने जा रहे हैं? अगर हां, तो आपको इससे जुड़ी कुछ बातें जान लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में जब इसकी जरूरत पड़े, तो कोई दिक्कत न हो। स्वास्थ्य बीमा मेडिकल इमरजेंसी में इलाज के खर्च के बोझ से बचाता है। हालांकि, कई बार कुछ गलतियों की वजह से क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। ऐसे में सभी को पता होना चाहिए कि पॉलिसी को लेकर क्या करना चाहिए या क्या नहीं।
क्यों रिजेक्ट हो जाता है स्वास्थ्य बीमा क्लेम
पॉलिसी में उम्र, आय, पेशे के बारे में गलत जानकारी देना।
बीमा के लिए समय सीमा के भीतर क्लेम न करना।
मरीज की पुरानी बीमारी यानी पहले से मौजूद बीमारी को छिपाना
पॉलिसी लिमिट से ज़्यादा क्लेम करना
मरीज या डॉक्टर के बारे में गलत जानकारी देना
गलत मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल का बिल देना
बीमा राशि का पहले से इस्तेमाल करना
मेडिक्लेम पॉलिसी को रिन्यू न कराना या पॉलिसी खत्म होने पर क्लेम न करना
पॉलिसी में कवर न होने वाली चीज़ों का क्लेम करना
पॉलिसी की सभी शर्तों का पालन न करना
स्वास्थ्य बीमा क्लेम रिजेक्ट होने से बचने के लिए क्या करें
जांच के दौरान किसी भी बीमारी का पता चलते ही बीमा करवा लें।
1 से 4 साल की वेटिंग पीरियड पूरी होने के बाद ही बीमारी क्लेम के दायरे में आएगी।
8 साल के बाद बीमा कंपनी क्लेम जारी नहीं कर सकती।
आप 15-30 दिनों की शुरुआती पॉलिसी अवधि के भीतर पॉलिसी वापस कर सकते हैं और रिफंड पा सकते हैं।
स्वास्थ्य बीमा के मामले में क्या गलतियाँ नहीं करनी चाहिए
मेडिक्लेम एजेंट को मधुमेह, अस्थमा, थायरॉयड जैसी पुरानी बीमारियों के बारे में ज़रूर बताएं।
धूम्रपान और शराब से जुड़ी आदतों के बारे में भी बताएं।
बीमा पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें।
30 दिनों की ग्रेस अवधि के भीतर रिन्यू करें।
क्लेम के लिए 24 घंटे अस्पताल में भर्ती रहना जरूरी है
हेल्थ पॉलिसी में नॉमिनी का नाम जोड़ें
हेल्थ पॉलिसी खरीदते समय ये सवाल जरूर पूछें
बीमा में कौन सी चीजें कवर नहीं होती हैं>
कौन सी बीमारियां एक निश्चित समय सीमा के बाद भी कवर होती हैं और कौन सी नहीं
बीमा पॉलिसी में टॉप-अप है या नहीं?
क्या कंपनी पॉलिसी के साथ कुछ अतिरिक्त कवर देती है या नहीं?
अगर अस्पताल रजिस्टर्ड नहीं है तो क्या आपको क्लेम मिलेगा?
हेल्थ इंश्योरेंस में कौन सी बीमारियां कवर नहीं होती हैं?
एड्स
डेंटल ट्रीटमेंट
साइकियाट्रिक डिजीज
प्राइवेट पार्ट बदलने की सर्जरी
कॉस्मेटिक सर्जरी
खुद को नुकसान पहुंचाना या आत्महत्या का प्रयास
हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने पर क्या करें
आप हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से पुनर्विचार करने की अपील कर सकते हैं।
क्लेम रिजेक्ट होने की वजह जानें।
सही और पर्याप्त दस्तावेज, डेटा और सबूत जमा करें।
नाम और पॉलिसी नंबर को ठीक से जाँच लें, अगर गलत है तो उसे बदल दें।
क्लेम वेरिफिकेशन के लिए आप और अपील कर सकते हैं।
अगर बीमा कंपनी 15 दिन के अंदर शिकायत का समाधान नहीं करती है तो IRDAI में शिकायत दर्ज करें।
अगर आपको 30 दिन के अंदर बीमा कंपनी से जवाब नहीं मिलता है तो लोकपाल कार्यालय जाएँ।
अगर लोकपाल से आपको उचित मदद नहीं मिलती है तो उपभोक्ता फोरम जाएँ।

