Samachar Nama
×

WhatsApp का नया Guest Calling फीचर लॉन्च! बिना अकाउंट और ऐप डाउनलोड किए भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp का नया Guest Calling फीचर लॉन्च! बिना अकाउंट और ऐप डाउनलोड किए भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक नया फीचर लेकर आया है, जिससे कॉलिंग का तरीका और आसान हो सकता है। कंपनी ने Guest Calling फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकता है, जिनके फोन में WhatsApp ऐप इंस्टॉल नहीं है या जिनका इस प्लेटफॉर्म पर अकाउंट नहीं है।

इस फीचर की खास बात यह है कि कॉल में शामिल होने के लिए सामने वाले व्यक्ति को नया अकाउंट बनाने या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। कॉल का लिंक मिलने पर वह अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर से जुड़ सकता है। आइए सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं इस नए फीचर की खास बातें।

सवाल 1: WhatsApp Guest Calling फीचर क्या है?

जवाब: Guest Calling एक ऐसा फीचर है, जिसके जरिए WhatsApp यूजर बिना WhatsApp अकाउंट वाले व्यक्ति को भी कॉल में शामिल होने का निमंत्रण दे सकता है। इसके लिए कॉल शुरू करने वाला व्यक्ति एक लिंक तैयार करके सामने वाले को भेजता है। लिंक खोलकर गेस्ट कॉल में शामिल होने का अनुरोध कर सकता है।

सवाल 2: बिना ऐप डाउनलोड किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे?

जवाब: गेस्ट यूजर को कॉल का लिंक मोबाइल या कंप्यूटर पर मिलेगा। वह इसे अपने समर्थित वेब ब्राउजर में खोलकर कॉल से जुड़ने की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इस तरह उसे केवल कॉल में शामिल होने के लिए WhatsApp ऐप इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी।

हालांकि, यह सुविधा किन डिवाइस और ब्राउजर पर उपलब्ध है, इसकी जानकारी WhatsApp के आधिकारिक अपडेट में जांचना जरूरी है।

सवाल 3: क्या गेस्ट यूजर को भी कॉल के दौरान दूसरे फीचर्स मिलेंगे?

जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कई उपयोगी सुविधाएं मिल सकती हैं। इनमें शामिल हैं:

  • हैंड रेज करके अपनी बात रखने का संकेत देना।

  • स्क्रीन शेयरिंग के जरिए अपनी स्क्रीन दिखाना।

  • इमोजी रिएक्शन देकर प्रतिक्रिया देना।

इन सुविधाओं की उपलब्धता कॉल के प्रकार और इस्तेमाल किए जा रहे डिवाइस पर निर्भर कर सकती है।

सवाल 4: क्या Guest Calling फीचर सुरक्षित है?

जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग में भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा व्यवस्था दी जाती है। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों की बातचीत को सुरक्षित रखना है, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति उसे एक्सेस न कर सके।

फिर भी, किसी अनजान व्यक्ति से मिला कॉल लिंक खोलने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी है।

सवाल 5: क्या लिंक मिलने पर कोई भी व्यक्ति सीधे कॉल में शामिल हो सकता है?

जवाब: दी गई जानकारी के अनुसार, गेस्ट यूजर को कॉल में प्रवेश करने से पहले होस्ट की मंजूरी लेनी पड़ सकती है। इसके लिए वेटिंग रूम जैसी व्यवस्था बताई गई है। यानी लिंक खोलने और कॉल में प्रवेश मिलने के बीच होस्ट की अनुमति जरूरी हो सकती है।

यह सुविधा कॉल में अनजान लोगों के प्रवेश को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।

सवाल 6: गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी?

जवाब: गेस्ट कॉलिंग में सुरक्षा और प्राइवेसी बनाए रखने के लिए कुछ सीमाएं बताई गई हैं:

  • गेस्ट खुद से नई कॉल शुरू नहीं कर सकेंगे।

  • उन्हें दूसरे प्रतिभागियों के फोन नंबर देखने की अनुमति नहीं होगी।

  • वे कॉल के दौरान सामान्य WhatsApp चैट की तरह मैसेज नहीं भेज सकेंगे।

  • वे अपनी तरफ से किसी अन्य व्यक्ति को कॉल में नहीं जोड़ सकेंगे।

  • कॉल का होस्ट जरूरत पड़ने पर गेस्ट को बाहर कर सकेगा।

इन नियमों का उद्देश्य कॉल पर नियंत्रण बनाए रखना और यूजर्स की निजता की सुरक्षा करना है।

सवाल 7: इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा?

जवाब: Guest Calling खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो किसी से तुरंत वीडियो या ऑडियो कॉल करना चाहते हैं, लेकिन सामने वाले के फोन में WhatsApp मौजूद नहीं है।

इसके कुछ प्रमुख फायदे हैं:

  • ऑफिस मीटिंग आसान: बिना अकाउंट वाले सहकर्मी को भी लिंक भेजकर कॉल में शामिल किया जा सकता है।

  • ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं: केवल एक कॉल के लिए नया ऐप इंस्टॉल करने की परेशानी कम हो सकती है।

  • परिवार और दोस्तों से जुड़ना आसान: उन लोगों से संपर्क करना सुविधाजनक हो सकता है, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते।

  • ब्राउजर से जुड़ने की सुविधा: समर्थित डिवाइस पर कॉल लिंक खोलकर जुड़ने का विकल्प मिल सकता है।

सवाल 8: क्या WhatsApp में Google Calendar और Outlook का सपोर्ट भी आएगा?

जवाब: दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, Meta ने WhatsApp कॉल के लिए Google Calendar और Outlook इंटीग्रेशन लाने की योजना का भी जिक्र किया है। इसके जरिए मीटिंग शेड्यूल करना और कैलेंडर इनवाइट के साथ कॉल लिंक साझा करना आसान हो सकता है।हालांकि, यह सुविधा कब उपलब्ध होगी और इसके लिए अलग प्लगइन या अकाउंट कनेक्शन की जरूरत होगी या नहीं, इसकी पुष्टि आधिकारिक घोषणा से की जानी चाहिए।

क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मैसेज या कॉल की सामग्री केवल बातचीत में शामिल अधिकृत लोगों तक पहुंचे। इस तकनीक में डेटा को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि बीच में मौजूद कोई अनधिकृत व्यक्ति उसे आसानी से पढ़ या सुन न सके।WhatsApp अपनी निजी बातचीत और कॉल के लिए इस सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल करता है। हालांकि, यह सुरक्षा डिवाइस की सुरक्षा, स्क्रीन रिकॉर्डिंग या यूजर द्वारा खुद साझा की गई जानकारी से जुड़े हर जोखिम को खत्म नहीं करती।

Share this story

Tags