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weather Today: जाते-जाते बरसेगा मानसून, इन 26 जिलों में बारिश का अलर्ट, जानें कब लेगा विदाई

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। सितंबर के मध्य में मानसून सक्रिय रहने के कारण कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने तथा बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर बारिश का दौर थोड़े समय के लिए तेज भी हो सकता है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।  राजस्थान में मानसून की गतिविधियों को देखते हुए कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।  दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को फिसलन वाली सड़कों और कम दृश्यता के दौरान सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी जाती है।  मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अलर्ट वाले क्षेत्रों में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और आंधी-तूफान के दौरान पेड़, बिजली के खंभों तथा कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।  पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड और आसपास के इलाकों में भी मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कई जगहों पर बादल छाए रहने के साथ बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं, इसलिए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना चाहिए।  मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। बारिश के साथ तापमान में बदलाव और उमस की स्थिति भी देखने को मिल सकती है। लोगों को सलाह है कि घर से निकलने से पहले अपने इलाके का ताजा मौसम पूर्वानुमान जरूर देख लें।  Weather Alert को देखते हुए खासकर बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदान, पेड़ और जलाशयों के पास खड़े होने से बचें। मौसम संबंधी स्थानीय चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है, क्योंकि बारिश की स्थिति जिले-दर-जिले अलग हो सकती है।

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। सितंबर के मध्य में मानसून सक्रिय रहने के कारण कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने तथा बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर बारिश का दौर थोड़े समय के लिए तेज भी हो सकता है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

राजस्थान में मानसून की गतिविधियों को देखते हुए कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को फिसलन वाली सड़कों और कम दृश्यता के दौरान सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी जाती है।

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अलर्ट वाले क्षेत्रों में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और आंधी-तूफान के दौरान पेड़, बिजली के खंभों तथा कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड और आसपास के इलाकों में भी मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कई जगहों पर बादल छाए रहने के साथ बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं, इसलिए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना चाहिए।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। बारिश के साथ तापमान में बदलाव और उमस की स्थिति भी देखने को मिल सकती है। लोगों को सलाह है कि घर से निकलने से पहले अपने इलाके का ताजा मौसम पूर्वानुमान जरूर देख लें।

Weather Alert को देखते हुए खासकर बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदान, पेड़ और जलाशयों के पास खड़े होने से बचें। मौसम संबंधी स्थानीय चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है, क्योंकि बारिश की स्थिति जिले-दर-जिले अलग हो सकती है।

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