Vedanta Group ED Raid: वेदांता ग्रुप के मुंबई-दिल्ली कार्यालयों पर ED की छापेमारी, फेमा उल्लंघन के आरोपों की जांच तेज
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को वेदांता ग्रुप से जुड़े मुंबई और दिल्ली स्थित कई कार्यालयों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में की गई है। जांच एजेंसी उन वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है, जिनके तहत समूह की भारतीय इकाइयों से उसकी मूल (पैरेंट) कंपनी को भुगतान किए जाने का आरोप है।
फेमा नियमों के उल्लंघन की आशंका
सूत्रों के अनुसार, ईडी को संदेह है कि वेदांता समूह की कुछ भारतीय कंपनियों ने विदेश स्थित पैरेंट कंपनी को ऐसे भुगतान किए, जो फेमा के प्रावधानों के अनुरूप नहीं थे। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन लेनदेन के लिए आवश्यक मंजूरियां और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
₹74,000 करोड़ के कर्ज वाली पैरेंट कंपनी पर फोकस
जांच का केंद्र वेदांता समूह की उस मूल कंपनी पर भी है, जिस पर करीब 74,000 करोड़ रुपये का कर्ज बताया जा रहा है। ईडी यह जांच रही है कि भारतीय इकाइयों से किए गए भुगतान का इस्तेमाल कहीं इस कर्ज के बोझ को कम करने या वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए तो नहीं किया गया।
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही एजेंसी
छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, ईमेल संचार और अन्य डिजिटल डेटा की जांच की। माना जा रहा है कि एजेंसी लेनदेन की पूरी श्रृंखला को समझने और धन के प्रवाह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
कंपनी की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
खबर लिखे जाने तक वेदांता समूह की ओर से इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। हालांकि, कंपनी पहले भी अपने सभी कारोबारी संचालन को नियामकीय मानकों के अनुरूप बताती रही है।
जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें
ईडी की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बड़े कॉरपोरेट समूहों के विदेशी लेनदेन और फंड ट्रांसफर पर नियामकीय एजेंसियां विशेष नजर बनाए हुए हैं। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि कथित लेनदेन फेमा नियमों के दायरे में थे या किसी प्रकार की अनियमितता हुई है।

