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Budget 2024 में आम आदमी की चांदी, जानें अब आपको कैसे कम देना होगा टैक्स, यहां समझे पूरा समीकरण

मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट घोषित हो गया है. इस बजट में युवाओं, किसानों के अलावा आम आदमी का भी ख्याल रखा गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव का ऐलान किया. अगर आप भी इस बात को लेकर असमंजस में हैं....
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बिजनेस न्यूज डेस्क !!! मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट घोषित हो गया है. इस बजट में युवाओं, किसानों के अलावा आम आदमी का भी ख्याल रखा गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव का ऐलान किया. अगर आप भी इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि नई टैक्स व्यवस्था में क्या बदलाव हुए हैं और इससे आपको क्या फायदा मिलेगा तो आइए हम आपको बताते हैं।

Slab  Income Tax Rates
तीन लाख तक   कोई टैक्स नहीं 
3 लाख से 6 लाख तक   5 प्रतिशत 
6 लाख से 9 लाख तक  10 प्रतिशत 
9 लाख से 12 लाख तक  15 प्रतिशत
12  लाख्स से 15 लाख तक  20 प्रतिशत
15 लाख से अधिक  30 प्रतिशत 

सबसे पहले पुरानी टैक्स व्यवस्था की बात करें तो बता दें कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. साफ है कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द पुरानी टैक्स व्यवस्था को खत्म करना चाहती है. इसलिए उसमें कोई राहत नहीं दी गई है. अब नई टैक्स व्यवस्था की बात करें तो पहले यह समझ लें कि अब तक क्या व्यवस्था थी। नई टैक्स व्यवस्था में अब तक 6 स्लैब थे.

नई टैक्स व्यवस्था में 7 स्लैब

Slab Income Tax Rates
0-3 लाख कुछ नहीं
3-7 लाख 5%
7-10 लाख 10%
10-12 लाख 15%
12-15 लाख 20%
15 लाख से अधिक 30%

नई टैक्स व्यवस्था में थोड़ा बदलाव किया गया है और स्लैब बढ़ाकर 7 कर दिया गया है.

आपको कैसे फायदा होगा?

नई टैक्स व्यवस्था में इस बार भी 3 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगाया गया है, जो पहले लगता था. लेकिन दूसरे स्लैब में बदलाव किया गया है और 3 से 6 लाख की जगह 3 से 7 लाख रुपये की आय को इस स्लैब में लिया गया है. मतलब पहले आपको 7 लाख रुपये की टैक्सेबल सैलरी पर 10% टैक्स देना होता था, लेकिन अब आपको सिर्फ 5% टैक्स देना होगा। इसी तरह पहले अगर सैलरी 9 लाख रुपये से ज्यादा थी तो आपको 15 फीसदी टैक्स देना होता था, लेकिन अब 10 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा. कुल मिलाकर इस कर व्यवस्था से मध्यम वर्ग को लाभ होगा।

आगे के टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

हालांकि, अगर आपकी टैक्सेबल सैलरी 10 लाख रुपये से ज्यादा है तो ही आपको स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिल सकता है. स्टैंडर्ड डिडक्शन पहले 50 हजार रुपये था जिसे अब बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है.

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