Jio IPO पर बड़े निवेशकों का जबरदस्त दांव! एंकर बुक में 30 गुना से ज्यादा मांग, ₹30,188 करोड़ जुटाने की तैयारी
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO को लेकर बाजार में काफी चर्चा है। 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के लिए बुक खुलने के साथ ही बड़े संस्थागत निवेशकों की ओर से भारी मांग आने का दावा किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, ₹8,110 करोड़ के आरक्षित हिस्से के मुकाबले करीब ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां लगाई गई हैं। इस तरह एंकर बुक में मांग 30 गुना से अधिक बताई जा रही है।
इस इश्यू में विदेशी निवेशकों, सॉवरेन वेल्थ फंड्स, पेंशन फंड्स, बीमा कंपनियों और देश के बड़े म्यूचुअल फंड हाउसेज की दिलचस्पी चर्चा में है। हालांकि, एंकर बुक में ज्यादा मांग का मतलब यह नहीं है कि आम निवेशकों को भी उतना ही सब्सक्रिप्शन मिलेगा या लिस्टिंग पर मुनाफा निश्चित है।
देश के बड़े म्यूचुअल फंड हाउसेज की दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स की एंकर बुक में भारतीय संस्थागत निवेशकों के तौर पर कई प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउसेज के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इनमें SBI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा LIC, HDFC लाइफ, SBI लाइफ और विभिन्न पेंशन फंड्स की भागीदारी का भी उल्लेख किया गया है। विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड्स और सॉवरेन वेल्थ फंड्स की दिलचस्पी को भी इस इश्यू के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की मांग पर नजर
जियो के एंकर बुक में विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड्स, सॉवरेन वेल्थ फंड्स और पेंशन फंड्स की ओर से मजबूत मांग आने की जानकारी दी गई है। ऐसे निवेशक आम तौर पर लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देते हैं, हालांकि हर फंड की निवेश रणनीति अलग हो सकती है।
बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी IPO के प्रति बाजार की दिलचस्पी का संकेत देती है। फिर भी निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और भविष्य की विकास संभावनाओं का आकलन करके ही फैसला लेना चाहिए।
आम निवेशकों के लिए कब खुलेगा IPO?
उपलब्ध विवरण के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO आम निवेशकों के लिए 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलने का प्रस्ताव है। कंपनी के इस इश्यू के जरिए करीब ₹30,188 करोड़ जुटाने की योजना बताई गई है।
IPO से जुड़ी प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
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कंपनी: जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड
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प्रस्तावित इश्यू साइज: लगभग ₹30,188 करोड़
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प्राइस बैंड: ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर
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आम निवेशकों के लिए अवधि: 21 से 23 अक्टूबर
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न्यूनतम लॉट: उपलब्ध जानकारी के अनुसार 12 शेयर
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ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP): ₹250 से अधिक होने का दावा
GMP अनौपचारिक बाजार का संकेतक है। यह बदलता रहता है और इससे लिस्टिंग पर होने वाले मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती।
कर्मचारियों और रिलायंस के शेयरधारकों के लिए विशेष कोटा
प्रस्तावित IPO में कर्मचारियों और पात्र रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए अलग आरक्षण का प्रावधान बताया गया है।
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कर्मचारी कोटा: ₹500 करोड़ तक के शेयर।
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कर्मचारी छूट: पात्र कर्मचारियों के लिए प्रति शेयर ₹54 की छूट का उल्लेख।
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शेयरधारक कोटा: पात्र रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ तक के शेयर।
शेयरधारक आरक्षण का लाभ लेने के लिए पात्रता संबंधी शर्तें लागू होंगी। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 14 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयर रखने वाले पात्र व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) इसके दायरे में आ सकते हैं। निवेश से पहले आधिकारिक RHP में दी गई शर्तों की जांच करना जरूरी है।
IPO में किस श्रेणी के निवेशकों को कितना हिस्सा?
दिए गए विवरण के मुताबिक, IPO का आरक्षण इस प्रकार बताया गया है:
| निवेशक श्रेणी | आरक्षित हिस्सा |
|---|---|
| क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) | 50% |
| नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक (NII) | 15% |
| रिटेल निवेशक | 35% |
अंतिम आरक्षण और पात्रता की पुष्टि कंपनी के आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस से की जानी चाहिए।
भारत का सबसे बड़ा IPO बनने की तैयारी
अगर प्रस्तावित इश्यू अपने बताए गए आकार के साथ आता है, तो जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल होगा और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नया रिकॉर्ड बना सकता है।
इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया ने करीब ₹27,858 करोड़ का IPO पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित ₹30,188 करोड़ का इश्यू इस आंकड़े से बड़ा होगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार कितना बड़ा है?
जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेक्नोलॉजी कंपनी है, जिसमें टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं से जुड़ा कारोबार शामिल है। कंपनी देश के दूरसंचार क्षेत्र में प्रमुख स्थान रखती है।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 53.3 करोड़ था। इनमें 28.49 करोड़ 5G यूजर्स बताए गए हैं। कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है।
कंपनी ने IPO के लिए कब दाखिल किए दस्तावेज?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 14 अक्टूबर को रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया था। इससे पहले 19 जून को ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया गया था और 28 अगस्त को SEBI की मंजूरी मिलने का दावा किया गया है।
RHP में कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिमों, शेयरों और IPO से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्तों की जानकारी होती है।
क्या होता है एंकर बुक?
एंकर बुक IPO खुलने से पहले बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए निर्धारित हिस्सा होता है। इसमें म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और अन्य पात्र संस्थागत निवेशक हिस्सा ले सकते हैं।
एंकर निवेशकों की भागीदारी से IPO को लेकर बाजार की दिलचस्पी का अंदाजा मिलता है। हालांकि, इससे शेयर की लिस्टिंग कीमत या भविष्य के रिटर्न का अनुमान निश्चित रूप से नहीं लगाया जा सकता।
क्या होता है रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP)?
RHP एक आधिकारिक दस्तावेज है, जिसमें IPO लाने वाली कंपनी अपने कारोबार, वित्तीय स्थिति, प्रमोटर्स, जोखिमों और इश्यू की शर्तों के बारे में जानकारी देती है। निवेशक इस दस्तावेज के आधार पर कंपनी को समझ सकते हैं और निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले जरूरी तथ्यों की जांच कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर बताई जा रही भारी एंकर मांग बाजार की मजबूत दिलचस्पी का संकेत हो सकती है। लेकिन निवेश करने से पहले प्राइस बैंड, कंपनी की कमाई, कर्ज, प्रतिस्पर्धा, भविष्य की विकास योजनाओं और जोखिमों का अध्ययन करना जरूरी है।

