हाईवे पर हर किसी से नहीं वसूला जाता टोल! जानिए किन लोगों को मिलती है पूरी छूट और क्या हैं नियम
देश में हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है. लंबे सफर के दौरान लोग समय बचाने के लिए इन सड़कों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सफर शुरू करने से पहले ज्यादातर वाहन चालकों के मन में टोल टैक्स का खर्च जरूर आता है. हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुछ विशेष श्रेणियों के वाहनों को टोल टैक्स में पूरी या निर्धारित नियमों के तहत छूट दी जाती है.
अक्सर लोगों को यह भ्रम रहता है कि पुलिसकर्मी, डॉक्टर, पत्रकार या सेना से जुड़े हर व्यक्ति को टोल में छूट मिलती है. लेकिन ऐसा नहीं है. टोल फ्री की सुविधा कुछ खास पदों, आधिकारिक वाहनों और निर्धारित परिस्थितियों में ही लागू होती है.
संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को टोल में छूट
टोल टैक्स से छूट पाने वाली प्रमुख श्रेणी में देश के संवैधानिक पदों पर बैठे लोग शामिल हैं. इनमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यों के राज्यपाल और उपराज्यपाल तथा भारत के मुख्य न्यायाधीश जैसे पद शामिल हैं.
इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, लोकसभा और राज्यसभा के अध्यक्ष तथा हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को भी निर्धारित परिस्थितियों में टोल छूट मिलती है. सांसदों और राज्यों के विधायकों या विधान परिषद सदस्यों को भी नियमों के अनुसार आधिकारिक यात्रा के दौरान यह सुविधा मिल सकती है.
सेना और सुरक्षा बलों के वाहनों को भी राहत
देश की सुरक्षा से जुड़े आधिकारिक वाहनों को भी टोल टैक्स से छूट दी गई है. इसमें रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली थल सेना, नौसेना और वायुसेना के आधिकारिक वाहन शामिल हैं.
इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिस से जुड़े कुछ आधिकारिक वाहनों को भी निर्धारित नियमों के तहत टोल नहीं देना पड़ता. इनमें BSF, CRPF और CISF जैसे बलों के वाहन शामिल हो सकते हैं.
हालांकि, यहां एक अहम बात समझना जरूरी है. सिर्फ किसी सुरक्षा बल का कर्मचारी होने से निजी वाहन पर अपने आप टोल माफ नहीं हो जाता. छूट आमतौर पर निर्धारित श्रेणी के आधिकारिक वाहन और ड्यूटी से जुड़ी यात्रा पर लागू होती है.
एंबुलेंस और शव वाहन भी टोल फ्री
आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी टोल भुगतान से छूट दी गई है. मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस और शव वाहन इसके प्रमुख उदाहरण हैं.
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी आपात स्थिति में टोल भुगतान के कारण जरूरी सेवाओं में अनावश्यक देरी न हो.
वीरता पुरस्कार विजेताओं को भी मिलती है छूट
देश के सर्वोच्च सैन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित लोगों के लिए भी टोल छूट का प्रावधान है. परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र जैसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले पात्र व्यक्तियों को निर्धारित पहचान पत्र के आधार पर यह सुविधा मिल सकती है.
इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों को भी नियमों के अनुसार टोल से छूट मिलती है.
सिर्फ VIP स्टिकर दिखाने से नहीं मिलेगा फ्री पास
टोल छूट को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि किसी व्यक्ति के पास VIP कार्ड या वाहन पर कोई विशेष स्टिकर लगा होने से टोल माफ हो जाएगा. ऐसा जरूरी नहीं है.
छूट प्राप्त श्रेणी के वाहनों के लिए निर्धारित दस्तावेज और पहचान की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है. डिजिटल व्यवस्था के तहत पात्र वाहनों के लिए Exempted FASTag की व्यवस्था भी की गई है. इसलिए केवल मौखिक दावा या सामान्य पहचान पत्र के आधार पर टोल छूट मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
टोल प्लाजा के पास रहने वालों को भी मिल सकता है फायदा
अगर कोई व्यक्ति किसी टोल प्लाजा के आसपास रहता है, तो उसके लिए स्थानीय निवासी के तौर पर रियायती मासिक पास की सुविधा उपलब्ध हो सकती है. ऐसे मामलों में पात्रता और पास की कीमत संबंधित टोल प्लाजा तथा लागू नियमों पर निर्भर करती है.
इसलिए रोजाना हाईवे का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय लोगों के लिए सामान्य टोल भुगतान की तुलना में लोकल पास अधिक किफायती विकल्प हो सकता है.
हर व्यक्ति के लिए फ्री टोल नहीं
कुल मिलाकर, हाईवे पर टोल से छूट किसी व्यक्ति के पेशे के आधार पर सामान्य सुविधा नहीं है. यह खास संवैधानिक पदों, आधिकारिक वाहनों, आपातकालीन सेवाओं और नियमों में निर्धारित अन्य श्रेणियों पर लागू होती है.
इसलिए अगर आप पुलिस, सेना, पत्रकारिता या किसी अन्य पेशे से जुड़े हैं, तो सिर्फ अपना पेशा बताकर टोल फ्री यात्रा की उम्मीद न करें. पहले यह देखना जरूरी है कि आपका वाहन और यात्रा संबंधित छूट की निर्धारित श्रेणी में आते हैं या नहीं.

