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HDFC और पराग पारिख समेत इन 5 म्यूचुअल फंड्स ने 5 साल में कराई बंपर कमाई, देखें लिस्ट

HDFC और पराग पारिख समेत इन 5 म्यूचुअल फंड्स ने 5 साल में कराई बंपर कमाई, देखें लिस्ट

अगर आप शेयर बाजार में सीधे निवेश करने के बजाय म्यूचुअल फंड के जरिए लंबे समय में बड़ा कॉर्पस तैयार करना चाहते हैं, तो Flexi Cap Funds आपके लिए एक विकल्प हो सकते हैं। इन फंड्स की खासियत यह है कि फंड मैनेजर को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश का लचीलापन मिलता है। यानी बाजार की स्थिति के हिसाब से पोर्टफोलियो में बदलाव किया जा सकता है।इसी वजह से फ्लैक्सीकैप कैटेगरी के कुछ फंड्स ने पिछले 5 वर्षों में अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, केवल पिछले रिटर्न के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। फंड का रिस्क, खर्च, पोर्टफोलियो और आपकी अपनी निवेश अवधि भी महत्वपूर्ण होती है।आइए जानते हैं ऐसे 5 फ्लैक्सीकैप फंड्स के बारे में, जिन्होंने दिए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 5 वर्षों में अच्छा प्रदर्शन किया है।

1. HDFC Flexi Cap Fund: शानदार रिटर्न के साथ मजबूत प्रदर्शन

HDFC Flexi Cap Fund ने पिछले 5 वर्षों में करीब 17.67% का सालाना CAGR रिटर्न दिया है। इसका कंसिस्टेंसी स्कोर 91% बताया गया है। फंड का AUM करीब ₹1.06 लाख करोड़ है।

फंड के पोर्टफोलियो में वैल्यू आधारित शेयरों को प्रमुखता दी गई है। वहीं मोमेंटम और क्वालिटी आधारित शेयरों का इस्तेमाल संतुलित तरीके से किया गया है।

पिछले प्रदर्शन और बड़े AUM की वजह से यह फ्लैक्सीकैप कैटेगरी में निवेशकों की नजर में रहने वाला फंड है। हालांकि, भविष्य में मिलने वाला रिटर्न बाजार की परिस्थितियों और फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

2. Quant Flexi Cap Fund: रिटर्न मजबूत, लेकिन रिस्क भी ज्यादा

Quant Flexi Cap Fund ने पिछले 5 वर्षों में करीब 15.79% CAGR रिटर्न दिया है। इसका कंसिस्टेंसी स्कोर 64% रहा है, जबकि फंड का AUM करीब ₹7,140 करोड़ है।

इस फंड के पोर्टफोलियो में वैल्यू और मोमेंटम आधारित निवेश का मिश्रण देखने को मिलता है। क्वालिटी शेयरों की हिस्सेदारी तुलनात्मक रूप से कम रखी गई है।

रिटर्न के मामले में फंड ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन इसके साथ रिस्क का स्तर भी कुछ अन्य फ्लैक्सीकैप फंड्स की तुलना में अधिक हो सकता है। इसलिए निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता को जरूर समझना चाहिए।

3. Parag Parikh Flexi Cap Fund: बड़े AUM वाला लोकप्रिय विकल्प

Parag Parikh Flexi Cap Fund खुदरा निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा है। इसका AUM करीब ₹1.43 लाख करोड़ है, जो इसे इस कैटेगरी के बड़े फंड्स में शामिल करता है।

पिछले 5 वर्षों में फंड ने करीब 13.74% का सालाना CAGR रिटर्न दिया है और इसका कंसिस्टेंसी स्कोर 69% रहा है।

फंड की निवेश रणनीति में वैल्यू और क्वालिटी आधारित कंपनियों को काफी महत्व दिया गया है, जबकि मोमेंटम आधारित निवेश पर अपेक्षाकृत कम जोर दिखाई देता है।

लंबी अवधि के निवेशकों के बीच इसकी लोकप्रियता का एक कारण इसका अपेक्षाकृत संतुलित निवेश नजरिया भी माना जाता है।

4. Edelweiss Flexi Cap Fund: कम AUM के बावजूद अच्छा प्रदर्शन

Edelweiss Flexi Cap Fund का AUM करीब ₹3,484 करोड़ है। भले ही इसका AUM कुछ बड़े फ्लैक्सीकैप फंड्स से कम है, लेकिन दिए गए आंकड़ों के अनुसार फंड ने प्रदर्शन के मामले में अच्छी जगह बनाई है।

पिछले 5 वर्षों में इसका कंसिस्टेंसी स्कोर 70% रहा, जबकि सालाना रिटर्न करीब 13.26% CAGR रहा है।

इस फंड की रणनीति में मोमेंटम आधारित शेयरों पर अपेक्षाकृत ज्यादा ध्यान दिया गया है, जबकि वैल्यू और क्वालिटी का संतुलन रखा गया है।

5. Kotak Flexi Cap Fund: बाजार के उतार-चढ़ाव में संतुलित रणनीति

Kotak Flexi Cap Fund भी फ्लैक्सीकैप कैटेगरी के पुराने और बड़े फंड्स में शामिल है। इसका AUM करीब ₹55,850 करोड़ है।

पिछले 5 वर्षों में फंड ने करीब 11.88% का CAGR रिटर्न दिया है और इसका कंसिस्टेंसी स्कोर 63% रहा है।

फंड की निवेश रणनीति में मोमेंटम, वैल्यू और क्वालिटी—तीनों तरह के स्टॉक्स का संतुलन देखने को मिलता है। इस तरह का पोर्टफोलियो बाजार की अलग-अलग परिस्थितियों में जोखिम को मैनेज करने में मदद कर सकता है।

Flexi Cap Fund में निवेश करने से पहले ये बातें जरूर समझें

फ्लैक्सीकैप फंड्स में निवेश का एक बड़ा फायदा यह है कि फंड मैनेजर को अलग-अलग मार्केट कैप वाली कंपनियों में निवेश करने की आजादी होती है। इससे बाजार की परिस्थितियों के अनुसार पोर्टफोलियो में बदलाव किया जा सकता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इनमें जोखिम नहीं होता। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं और पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता।

निवेश करने से पहले फंड का पोर्टफोलियो, खर्च अनुपात, जोखिम स्तर, निवेश अवधि और अपने वित्तीय लक्ष्य को जरूर देखें। जरूरत पड़ने पर SEBI-registered investment adviser या योग्य वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही फैसला करें।

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