Share Market में फिर मची भगदड़! सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ा फॉल, इन 2 सेक्टर्स के शेयर्स ने डुबोई निवेशकों की लुटिया
भारतीय शेयर बाजार में 14 अक्टूबर को एक बार फिर कमजोरी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा गिरकर 72,650 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी में भी करीब 150 अंकों की गिरावट है और यह 22,550 के आसपास पहुंच गया है। बाजार में ऑटो, फार्मा और मेटल सेक्टर के शेयरों में ज्यादा बिकवाली देखने को मिल रही है।इससे पहले 13 अक्टूबर को बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1,109 अंक उछलकर 73,034 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 359 अंकों की बढ़त रही थी और यह 22,722 के स्तर पर बंद हुआ था। ऐसे में आज की गिरावट ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर बाजार की दिशा पर केंद्रित कर दिया है।
बाजार में गिरावट की क्या है वजह?
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारक भूमिका निभा सकते हैं। निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली, विदेशी निवेशकों का रुख, वैश्विक बाजारों के संकेत और अलग-अलग सेक्टरों में मुनाफावसूली बाजार की चाल को प्रभावित करते हैं।आज ऑटो, फार्मा और मेटल शेयरों में दबाव देखा जा रहा है। इन सेक्टरों में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख इंडेक्स पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, बाजार में गिरावट की सटीक वजह तय करने के लिए संबंधित शेयरों और ताजा कारोबारी आंकड़ों को देखना जरूरी है।
विदेशी निवेशकों ने 7 दिनों में बेचे ₹19,526 करोड़ के शेयर
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने पिछले 7 दिनों में भारतीय बाजार से 19,526 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की है। वहीं, पिछले 30 दिनों में उनकी नेट बिकवाली 87,384 करोड़ रुपये रही।दूसरी तरफ, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने बाजार को सहारा दिया है। आंकड़ों के अनुसार, DII ने पिछले 7 दिनों में 20,931 करोड़ रुपये और पिछले 30 दिनों में 96,883 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की।इससे पता चलता है कि जहां विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक शेयर खरीदकर बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
14 अक्टूबर को एशियाई शेयर बाजारों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली गिरावट में रहा।
| इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 6,124 | +1.49% |
| निक्केई (जापान) | 68,222 | +0.63% |
| हैंगसेंग (हांगकांग) | 24,288 | -0.02% |
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय बाजार में गिरावट दर्ज की जा रही है।
अमेरिकी बाजार में भी रही कमजोरी
13 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला था। डाउ जोन्स 180 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और S&P 500 में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई।
| इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| डाउ जोन्स | 51,670 | -0.35% |
| नैस्डैक | 27,204 | -0.15% |
| S&P 500 | 7,805 | -0.02% |
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय बाजार की चाल घरेलू आर्थिक आंकड़ों और निवेशकों की गतिविधियों पर भी निर्भर करती है।
Fusion CX का IPO आज से खुला
शेयर बाजार में गिरावट के बीच Fusion CX का IPO भी 14 अक्टूबर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 16 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं।
IPO से जुड़ी प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
-
प्राइस बैंड: ₹275 से ₹289 प्रति शेयर
-
लॉट साइज: 51 शेयर
-
IPO का आकार: लगभग ₹702 करोड़
-
बोली लगाने की अंतिम तारीख: 16 अक्टूबर 2026
निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, IPO के मूल्यांकन, जोखिम और संबंधित दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है। केवल बाजार में तेजी या गिरावट देखकर IPO में निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।
कल बाजार में आई थी जोरदार तेजी
13 अक्टूबर को शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,109 अंक चढ़कर 73,034 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 359 अंक की बढ़त के साथ 22,722 पर पहुंच गया था।
लेकिन 14 अक्टूबर को बाजार में फिर से बिकवाली शुरू हो गई। इससे निवेशकों के सामने यह सवाल है कि क्या बाजार में गिरावट आगे भी जारी रहेगी या निचले स्तरों पर खरीदारी लौट सकती है।
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। खासकर शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वालों को स्टॉप लॉस, पोजिशन साइज और जोखिम का ध्यान रखना चाहिए।
-
बाजार में गिरावट देखकर घबराहट में शेयर बेचने से पहले अपने निवेश का उद्देश्य समझें।
-
किसी शेयर को केवल इसलिए न खरीदें कि उसकी कीमत गिर गई है।
-
फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ट्रेडिंग करते समय जोखिम का विशेष ध्यान रखें।
-
लंबी अवधि के निवेशक कंपनी के फंडामेंटल और अपने निवेश लक्ष्य के आधार पर फैसला लें।
कुल मिलाकर, 14 अक्टूबर को सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के साथ ऑटो, फार्मा और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिल रहा है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय है, जबकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी कुछ सहारा दे रही है। अब निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल और आने वाले कारोबारी संकेतों पर रहेगी।

