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Share Market में लौटी रौनक! सेंसेक्स 674 अंक उछला, निफ्टी में भी जोरदार तेजी; IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से निवेशकों को राहत

Share Market में लौटी रौनक! सेंसेक्स 674 अंक उछला, निफ्टी में भी जोरदार तेजी; IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से निवेशकों को राहत

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को शानदार रिकवरी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के बाद बाजार ने जोरदार वापसी की और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों हरे निशान पर कारोबार करते नजर आए। आईटी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों और बैंकिंग समेत कई सेक्टरों में खरीदारी ने बाजार की तेजी को सहारा दिया। 

सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी आई तेजी?

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 22,500 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। बाजार बंद होने के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स 674.11 अंक यानी करीब 0.94% की बढ़त के साथ 72,598.79 पर बंद हुआ। इससे निवेशकों के बीच बाजार को लेकर कुछ राहत देखने को मिली। 

IT शेयरों में जबरदस्त खरीदारी

इस तेजी में आईटी सेक्टर सबसे आगे रहा। HCL Technologies और TCS जैसे बड़े आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HCLTech के मजबूत तिमाही नतीजों ने निवेशकों का ध्यान खींचा, वहीं अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों में भी तेजी रही। निफ्टी IT इंडेक्स कारोबार के दौरान 3% से ज्यादा चढ़ा।

बैंकिंग शेयरों ने भी दिया बाजार को सहारा

आईटी शेयरों के साथ बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली। चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में तेजी से बाजार का माहौल बेहतर हुआ। हालांकि, सभी बैंक शेयरों में एक जैसी तेजी नहीं रही और कुछ कंपनियों के शेयर दबाव में भी नजर आए। 

आखिर बाजार में तेजी क्यों आई?

बाजार की रिकवरी के पीछे कई अहम वजहें रहीं:

  • आईटी कंपनियों के नतीजे: मजबूत तिमाही प्रदर्शन से आईटी शेयरों को समर्थन मिला।

  • बैंकिंग शेयरों में खरीदारी: चुनिंदा बैंक और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।

  • पिछली गिरावट के बाद रिकवरी: सोमवार की कमजोरी के बाद निवेशकों ने कुछ शेयरों में दोबारा खरीदारी की।

  • रुपये में मजबूती: डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार ने भी बाजार के माहौल को सहारा दिया। क्या बाजार की तेजी आगे भी जारी रहेगी?

बाजार में आई तेजी के बावजूद निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। महंगाई, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे जोखिम अभी भी बने हुए हैं। इसलिए केवल एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश का फैसला लेना सही नहीं होगा। कुल मिलाकर, 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में खरीदारी की वापसी ने निवेशकों को राहत दी। अब बाजार की अगली दिशा तय करने में कंपनियों के नतीजे, महंगाई के आंकड़े और वैश्विक संकेत अहम भूमिका निभाएंगे।

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