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US-ईरान जंग से बिगड़ा बाजार का मूड: शेयर बाजार में बिकवाली का दौर, रुपये की बिगड़ी चाल

US-ईरान जंग से बिगड़ा बाजार का मूड: शेयर बाजार में बिकवाली का दौर, रुपये की बिगड़ी चाल

दो दिन की साप्ताहिक छुट्टी के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमले की खबरों ने एक बार फिर वैश्विक बाजारों में जियोपॉलिटिकल चिंताएं बढ़ा दी हैं।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर शुरुआती कारोबार में साफ दिखाई दिया। इसके अलावा एशियाई बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया।

Sensex और Nifty गिरावट के साथ खुले

सोमवार को शुरुआती कारोबार में BSE का प्रमुख इंडेक्स Sensex 133.78 अंक यानी 0.17 फीसदी की गिरावट के साथ 77,130.73 के स्तर पर खुला।

वहीं, NSE का प्रमुख इंडेक्स Nifty 58.10 अंक यानी 0.24 फीसदी फिसलकर 24,117.55 के स्तर पर पहुंच गया।

बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली। खासतौर पर मेटल, आईटी और कई अन्य सेक्टरों में बिकवाली का दबाव नजर आया।

रुपये में भी कमजोरी

शेयर बाजार के साथ भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर नजर आया। शुरुआती कारोबार में रुपया 13 पैसे की गिरावट के साथ करीब 95.56 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मिडिल ईस्ट में तनाव रुपये समेत भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंता का कारण बन सकते हैं, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है।

Metal और IT शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

शुरुआती कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में नजर आए। इनमें Nifty Metal सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और करीब 1.70 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इसके अलावा Nifty IT में 1.32 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। Nifty Media, PSU Bank, Realty, Cement, Chemicals और FMCG इंडेक्स में भी करीब 0.73 फीसदी से 1 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई।

हालांकि, Nifty Private Bank इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करता नजर आया।

HDFC Bank के शेयरों पर भी नजर

शुरुआती कारोबार में HDFC Bank भी निवेशकों के फोकस में रहा। बैंक के MD और CEO शशिधर जगदीशन के पद छोड़ने और दोबारा नियुक्ति नहीं लेने से जुड़ी खबरों के बीच भी बैंक के शेयर में तेजी देखने को मिली।

निवेशक अब बैंक के अगले CEO को लेकर होने वाले फैसले पर नजर बनाए हुए हैं।

बाजार पर तीन बड़ी चुनौतियों का दबाव

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोमवार को घरेलू शेयर बाजार पर एक साथ कई बड़े फैक्टर्स का असर देखने को मिला।

1. अमेरिकी फेड का रुख

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। फेड प्रमुख केविन वॉर्श के महंगाई को लेकर दिए गए सख्त रुख वाले बयान से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

अगर अमेरिका में महंगाई लंबे समय तक तय लक्ष्य से ऊपर रहती है, तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। इससे दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है।

2. Crude Oil की कीमतों में उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। शुरुआती कारोबार में Brent Crude 2 फीसदी से ज्यादा उछलकर 90.67 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

वहीं, WTI Crude करीब 85.09 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।

तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। अगर कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो इससे महंगाई, व्यापार घाटे और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।

3. एशियाई बाजारों में भी कमजोरी

भारतीय बाजार को एशियाई बाजारों से भी मजबूत सपोर्ट नहीं मिला। जापान का Nikkei 1 फीसदी से ज्यादा, हांगकांग का Hang Seng करीब 0.7 फीसदी और दक्षिण कोरिया का Kospi 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।

इसके अलावा HDFC Bank के नए CEO को लेकर चल रही अटकलों और MSCI इंडेक्स में संभावित बदलावों के कारण भी निवेशक सतर्क नजर आए।

Nifty के लिए 24,060 अहम सपोर्ट

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कमजोरी के बावजूद व्यापक बाजार में गतिविधियां बनी हुई हैं। तकनीकी नजरिए से Nifty के लिए 24,060 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।

अगर Nifty इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद की जा सकती है। वहीं, तेजी का मजबूत संकेत तब माना जाएगा जब इंडेक्स 24,215 के स्तर को पार करके उसके ऊपर टिकने में कामयाब हो।

दूसरी तरफ, अगर Nifty 24,060 के सपोर्ट को बनाए रखने में नाकाम रहता है, तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में 23,575 का स्तर अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है।

फिलहाल बाजार में निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी फेड के रुख और वैश्विक बाजारों की चाल पर बनी हुई है। आने वाले कारोबारी सत्रों में इन्हीं फैक्टर्स से बाजार की दिशा तय होने की संभावना है।

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