देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई पर दबाव का असर अब क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई देने लगा है। Blinkit, Swiggy Instamart और BigBasket जैसे प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को एक बार में सीमित मात्रा में ही चीनी खरीदने की अनुमति मिल रही है। ऑर्डर करते समय कई जगह 'Sorry, We Have Limited Quantities Available' का मैसेज दिखाई दे रहा है।
त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ चीनी की मांग बढ़ी है। ऐसे में सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बीच कंपनियों ने खरीदारी पर यह सीमा लगाई है।
एक बार में कितनी चीनी खरीद सकते हैं?
चीनी की खरीदारी की सीमा शहर और ब्रांड के अनुसार अलग-अलग बताई जा रही है। कुछ स्थानों पर ग्राहक 1 किलो वाले अधिकतम 3 पैकेट ऑर्डर कर सकते हैं, जबकि कुछ जगहों पर 5 किलो का केवल एक पैकेट खरीदने की अनुमति है।
इसका मतलब है कि ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने वाले ग्राहकों को अब एक ही ऑर्डर में अपनी पूरी जरूरत पूरी करने में परेशानी हो सकती है।
दो महीने में करीब 40% बढ़े दाम
चीनी की सप्लाई पर दबाव का असर कीमतों पर भी पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून की शुरुआत में चीनी करीब 41 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, जो बढ़कर लगभग 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। सरकार के कदमों के बाद कीमतों में कुछ नरमी आई है और यह करीब 58 रुपये प्रति किलो के आसपास बताई जा रही है।
चीनी की सप्लाई क्यों हुई प्रभावित?
चीनी के बाजार में दबाव के पीछे कम उत्पादन के साथ-साथ कई अन्य कारण भी बताए जा रहे हैं। करीब 8 लाख टन चीनी के निर्यात और बाजार में कुछ बिचौलियों द्वारा स्टॉक जमा किए जाने से उपलब्ध स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ी है।
त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से यह दबाव और ज्यादा दिखाई दे रहा है।
सरकार ने उठाए ये बड़े कदम
कीमतों और सप्लाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी है। इसके अलावा जमाखोरी रोकने के लिए चीनी पर स्टॉक लिमिट भी लागू की गई है।
1 अगस्त से 30 नवंबर तक डीलर्स के लिए अधिकतम 4,000 क्विंटल चीनी रखने की सीमा तय की गई है। सरकार को उम्मीद है कि आयात बढ़ने और स्टॉक लिमिट जैसे कदमों से बाजार में उपलब्धता बेहतर होगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।
फिलहाल त्योहारों के बीच ग्राहकों को चीनी की खरीदारी में लिमिट का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में सप्लाई सुधरने पर इन प्रतिबंधों में राहत मिलने की उम्मीद है।

