शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,200 अंक फिसला; कच्चे तेल की महंगाई और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर को शुरुआती तेजी के बाद अचानक गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी भी बढ़त गंवाकर लाल निशान में कारोबार करने लगा। ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।कारोबार के दौरान सेंसेक्स 74,682 के स्तर तक पहुंचा था, लेकिन बाद में गिरकर करीब 73,500 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी सुबह करीब 200 अंक चढ़ा था, लेकिन बाद में लगभग 150 अंक की गिरावट के साथ 22,750 के आसपास कारोबार करने लगा।
बाजार में गिरावट के दो बड़े कारण
1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
दुनियाभर में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने की खबर है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है। इसी आशंका के चलते निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 1,149 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशक 5,268 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी से बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।
जियो का IPO आज से खुला
शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर जियो के बड़े IPO पर भी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह IPO 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी इसके जरिए करीब 30,188 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें न्यूनतम निवेश की राशि 13,428 रुपये बताई गई है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहा।
| प्रमुख इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 5,762 | +3.74% |
| निक्केई (जापान) | 64,824 | +1.17% |
| हैंगसेंग (हांगकांग) | 23,820 | -0.20% |
अमेरिकी बाजार में भी मिला-जुला रुख
20 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजार में भी कारोबार मिला-जुला रहा। डाउ जोन्स और S&P 500 बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि नैस्डैक में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
| प्रमुख इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| डाउ जोन्स | 52,496 | +1.02% |
| नैस्डैक | 26,425 | -0.02% |
| S&P 500 | 7,713 | +0.28% |
घरेलू संस्थागत निवेशकों ने संभाला बाजार
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs की खरीदारी जारी रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, DIIs ने सोमवार को 3,201 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, विदेशी निवेशकों ने 1,149 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।पिछले 30 दिनों के आंकड़ों में भी यही रुझान दिखाई देता है। इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 88,384 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि विदेशी निवेशकों ने 86,313 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।
19 अक्टूबर को भी बाजार में आई थी गिरावट
इससे पहले 19 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 876 अंक टूटकर 73,853 पर आ गया था, जबकि निफ्टी 257 अंक गिरकर 22,889 पर बंद हुआ था। 20 अक्टूबर को दशहरे के कारण बाजार बंद रहा।
आगे बाजार की चाल किन बातों पर निर्भर करेगी?
कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक तनाव आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रह सकते हैं। निवेशकों की नजर जियो IPO और कंपनियों के प्रदर्शन पर भी रहेगी।

