Samachar Nama
×

Stock Market Update: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 600 अंक तक उछला, निफ्टी 22,500 के पार; IT शेयरों में जोरदार खरीदारी

Stock Market Update: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 600 अंक तक उछला, निफ्टी 22,500 के पार; IT शेयरों में जोरदार खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने शानदार रिकवरी की और सेंसेक्स तथा निफ्टी हरे निशान पर पहुंच गए। आईटी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, वैश्विक बाजारों में कमजोरी, महंगे कच्चे तेल और बढ़ती महंगाई की चिंताओं के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी तेजी आई?

13 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा चढ़कर 72,585 के स्तर के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 में करीब 0.90 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,565 के करीब कारोबार करता दिखा। बाजार की यह तेजी पिछले कारोबारी सत्र में आई गिरावट के बाद देखने को मिली।

IT शेयरों में जोरदार उछाल

आज के कारोबार में आईटी सेक्टर निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। एचसीएल टेक के मजबूत तिमाही नतीजों से कंपनी के शेयरों में तेजी आई। टीसीएस, टेक महिंद्रा और इंफोसिस के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत से अधिक चढ़ा।

एचसीएल टेक के जुलाई से सितंबर तिमाही के नतीजों में कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 21.18 प्रतिशत बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर मुनाफे के आंकड़ों ने आईटी सेक्टर को सहारा दिया। निवेशकों को उम्मीद है कि प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे आगे भी शेयरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

किन शेयरों पर रहा दबाव?

बाजार में तेजी के बावजूद सभी शेयरों में बढ़त नहीं रही। शुरुआती कारोबार में एनटीपीसी, पावर ग्रिड, मारुति और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे कुछ शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। छोटे शेयरों में भी दबाव बना रहा, जिससे संकेत मिला कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही खरीदारी कर रहे हैं।

बाजार के सामने ये चुनौतियां

शेयर बाजार में तेजी के बीच महंगाई, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक तनाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। सितंबर में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पहुंच गई, जिससे ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहने से भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।

इसके अलावा एशियाई बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। ऐसे माहौल में घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है, लेकिन उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

आज की तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल जरूर बना है, लेकिन केवल एक दिन की बढ़त को लंबे समय के रुझान का संकेत नहीं मानना चाहिए। निवेशकों को कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।

Share this story

Tags