Stock Market Update: सेंसेक्स 500 अंक की बढ़त के बाद फिसला, कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बाजार पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती तेजी के बाद अचानक गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स दिन की शुरुआत में करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ खुला, लेकिन बाद में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। दोपहर बाद 2:15 बजे तक सेंसेक्स अपने इंट्रा डे हाई से करीब 1000 अंक नीचे आ गया। बाजार में इस गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी और कमजोर वैश्विक संकेतों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान सकारात्मक नजर आया था। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी के साथ कारोबार शुरू हुआ। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार में मुनाफावसूली हावी हो गई। खासतौर पर बैंकिंग और बड़े शेयरों में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए।
सेंसेक्स में भारी वजन रखने वाले आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग सेक्टर के प्रमुख शेयरों में कमजोरी का असर पूरे बाजार के प्रदर्शन पर पड़ा। बड़े मार्केट कैप वाले शेयरों में गिरावट आने से सेंसेक्स की तेजी टिक नहीं पाई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है। इसके अलावा वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशक जोखिम वाले एसेट्स में निवेश को लेकर सतर्क हो रहे हैं।
अमेरिकी और अन्य वैश्विक बाजारों के संकेतों का भी भारतीय शेयर बाजार पर असर देखने को मिला। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में लंबी अवधि के निवेशकों को केवल छोटी अवधि की गिरावट के आधार पर फैसले लेने से बचना चाहिए। हालांकि, मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतों, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
मंगलवार के कारोबार में शुरुआती तेजी के बाद आई गिरावट ने एक बार फिर दिखाया कि वैश्विक संकेतों का घरेलू बाजार पर कितना प्रभाव पड़ता है। सेंसेक्स का इंट्रा डे हाई से करीब 1000 अंक नीचे आना बाजार में बढ़ी सतर्कता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों की दिशा भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम रहने वाली है।

