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Stock market Update: शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, सेंसेक्स 600 अंक टूटा; IT शेयरों में भारी बिकवाली

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, सेंसेक्स 600 अंक टूटा; IT शेयरों में भारी बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार 9 सितंबर 2026 को गिरावट का दौर जारी रहा। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी-ईरान तनाव के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ गई। घरेलू बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और कोफोर्ज जैसे बड़े आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक गिर गया।

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

बुधवार को कारोबार की शुरुआत ही कमजोर रही। सेंसेक्स करीब 600 अंक तक गिर गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 23,500 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। इनमें मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता प्रमुख हैं।

IT सेक्टर में मचा हड़कंप

आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 3 से 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। कोफोर्ज के शेयरों में भारी दबाव रहा, वहीं इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और विप्रो के शेयर भी नुकसान में कारोबार करते नजर आए।आईटी कंपनियों पर दबाव की वजह अमेरिका से जुड़ी चिंताएं भी मानी जा रही हैं। निवेशकों को अमेरिकी वीजा नीतियों, एच-1बी वीजा शुल्क और वहां की आर्थिक परिस्थितियों को लेकर आशंकाएं हैं। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी पारंपरिक आईटी सर्विस कंपनियों पर दबाव बना हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए महंगा क्रूड महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता पैदा करता है।बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेल की कीमतों में तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो इससे रिजर्व बैंक की नीतियों और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव

शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी गिरावट का एक बड़ा कारण बनी हुई है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे घरेलू सूचकांकों पर दबाव बढ़ रहा है।हालांकि कुछ सेक्टरों में खरीदारी भी देखने को मिली। फार्मा, मेटल और चुनिंदा डिफेंस व ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में मजबूती रही। लेकिन बड़े वेटेज वाले शेयरों में गिरावट के कारण बाजार संभल नहीं पाया।

निवेशकों की नजर अब इन संकेतों पर

आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसले, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव की स्थिति पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल दलाल स्ट्रीट पर दबाव बना हुआ है और आईटी शेयरों में जारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत जार की चाल तय करेंगे।

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