Stock Market Opening : सेंसेक्स-निफ्टी में बढ़त के साथ कारोबार शुरू, 40 हजार करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत
आज भारतीय बाज़ार कमज़ोर शुरुआत के साथ खुले। निफ्टी 16 अंक बढ़कर 24,641 पर खुला, जबकि सेंसेक्स 201 अंक बढ़कर 78,782 पर खुला। ध्यान देने वाली बात है कि बुधवार को निफ्टी 10 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 24,625 पर बंद हुआ था। आज बाज़ार खुलने पर निवेशकों की संपत्ति में ₹40,000 करोड़ की बढ़ोतरी हुई; BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन बढ़कर ₹492.82 लाख करोड़ हो गया। रुपया भी थोड़ी कमज़ोरी के साथ खुला और डॉलर के मुकाबले 1 पैसे गिरकर 95.13 पर आ गया।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT, मीडिया, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में तेज़ी है, जबकि ऑटो, FMCG और रियल्टी शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। फिलहाल, सेंसेक्स के टॉप 30 शेयरों में से 16 हरे निशान (बढ़त) में और 14 लाल निशान (गिरावट) में ट्रेड कर रहे हैं। टाइटन और रिलायंस अभी सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयर हैं, जबकि पावरग्रिड और ट्रेंट के शेयर नीचे ट्रेड कर रहे हैं।
बाज़ार के अन्य अहम कारकों की बात करें तो, ट्रंप ने ईरान के साथ जल्द डील होने की संभावना फिर से जताई है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें $79.5 पर ट्रेड कर रही हैं। कल FIIs ने ₹943 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने ₹2,883 करोड़ के शेयर खरीदे। रुपया भी सुधर रहा है।
बाज़ार के लिए क्या सकारात्मक है?
ट्रंप को उम्मीद है कि डील हो जाएगी
डाऊ (Dow) नए ऑल-टाइम हाई पर
DII की खरीदारी से सपोर्ट
रुपये में सुधार
जापान और कोरिया में गिरावट से IT सेक्टर को फायदा
बाज़ार के लिए क्या नकारात्मक है?
छह दिनों के बाद FII की बिकवाली
डील पर बातचीत आखिरी दौर में, लेकिन तनाव बरकरार
ट्रंप या ईरान के यू-टर्न (फैसला बदलने) का डर
ऊंचे स्तरों पर बाज़ार को बनाए रखने में मुश्किल
बाज़ार के लिए क्या न्यूट्रल है? कच्चा तेल $80 के आसपास स्थिर है।
ईरान डील पर रुख न्यूट्रल है; ईरान डील करने को तैयार है लेकिन अपनी शर्तों पर।
PCR (पुट-कॉल रेश्यो) आरामदायक स्तर पर है।
HDFC सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि बाज़ार का सेटअप फिलहाल सकारात्मक है। निफ्टी को 24,800 के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है, जबकि 24,300–24,400 के ज़ोन में सपोर्ट बना हुआ है। निफ्टी ने 24,300–24,400 के ऊपरी रेजिस्टेंस को पार कर लिया है, जिससे यह स्तर "बाय-ऑन-डिप्स" (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति के लिए अनुकूल हो गया है।

