ब्लैक फ्राइडे मोड में शेयर बाजार: 71,593 के स्तर पर फिसला सेंसेक्स, मेटल और ऑटो शेयरों में मची भगदड़
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 8 अक्टूबर को लगातार 9वें हफ्ते बाजार में कमजोरी देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,045 अंक टूटकर 71,593 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 371 अंकों की गिरावट रही और यह 22,232 के स्तर पर बंद हुआ।आज के कारोबार में मेटल, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। बाजार में लगातार दबाव के पीछे कई घरेलू और ग्लोबल कारण बताए जा रहे हैं।
बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण
1. RBI के रुख में बदलाव
करीब चार साल में पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद RBI ने अपने रुख को ‘न्यूट्रल’ से ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ की ओर बदल दिया है। इससे बाजार में यह चिंता बढ़ी है कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दरों में 1 फीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना को लेकर भी बाजार में चर्चा है।
2. बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल
ग्लोबल मार्केट में बॉन्ड की बिकवाली बढ़ने के कारण अमेरिकी 30 साल की बॉन्ड यील्ड 5.71% के पार पहुंच गई है। वहीं 10 साल की बॉन्ड यील्ड भी 5.3% से ऊपर चली गई है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों के लिए डेट इंस्ट्रूमेंट्स ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता है।
3. कच्चे तेल की कीमत 102 डॉलर के पार
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमलों की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 2% बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। सप्लाई प्रभावित होने की आशंका और क्रूड इन्वेंट्री में करीब 32 लाख बैरल की कमी ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है।
4. FIIs की लगातार बिकवाली
विदेशी निवेशक यानी FIIs भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। बुधवार को FIIs ने करीब ₹6,121 करोड़ के शेयर बेचे। पिछले 9 कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशक करीब ₹57,000 करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं।
वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs लगातार खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
| कैटेगरी | आज | पिछले 7 दिन | पिछले 30 दिन |
|---|---|---|---|
| DII | +₹4,597 करोड़ | +₹14,867 करोड़ | +₹80,455 करोड़ |
| FII/FPI | -₹6,121 करोड़ | -₹13,782 करोड़ | -₹69,810 करोड़ |
नोट: आंकड़े करोड़ रुपये में हैं।
5. अहम टेक्निकल सपोर्ट टूटने से बढ़ी बिकवाली
कारोबार के दौरान निफ्टी ने अपने कुछ महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल तोड़ दिए। एक्सिस डायरेक्ट के विश्लेषकों के मुताबिक, 22,500 का सपोर्ट टूटने के बाद अब बाजार में 22,300 और फिर 52-सप्ताह के निचले स्तर 22,180 की तरफ जाने की आशंका जताई जा रही है।
दो कंपनियों की आज हुई शेयर बाजार में लिस्टिंग
8 अक्टूबर को विशाल निर्मिति और नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी के शेयर भी शेयर बाजार में लिस्ट हुए।
विशाल निर्मिति:
इसका इश्यू प्राइस ₹220 था। कंपनी के शेयर NSE और BSE दोनों पर ₹215 के भाव पर लिस्ट हुए, यानी करीब 2.27% डिस्काउंट पर।
नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी:
इसका इश्यू प्राइस ₹75 था। NSE पर शेयर ₹80, यानी 6.67% प्रीमियम पर और BSE पर ₹82, यानी 9.33% प्रीमियम पर लिस्ट हुए।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
भारतीय बाजार के साथ आज कई एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। कोस्पी, निक्केई और हैंगसेंग समेत प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे।
अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद
इससे पहले 7 अक्टूबर को अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी रही। डाउ जोन्स 341 अंक, नैस्डैक 61 अंक और S&P 500 करीब 17 अंक गिरकर बंद हुआ।
एक दिन पहले भी बाजार टूटा था
इससे पहले 7 अक्टूबर को सेंसेक्स 429 अंक गिरकर 72,639 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में करीब 173 अंकों की गिरावट रही और यह 22,603 के स्तर पर बंद हुआ था।कुल मिलाकर, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ऊंची बॉन्ड यील्ड और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर अब RBI के रुख, क्रूड की कीमतों और FII की गतिविधियों पर रहेगी।

