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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,000 अंक तक टूटा; निफ्टी भी 350 अंक से ज्यादा नीचे

शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,000 अंक तक टूटा; निफ्टी भी 350 अंक से ज्यादा नीचे

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 8 अक्टूबर को बिकवाली का दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स करीब 1,000 अंक तक टूटकर 71,600 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी में भी 350 से ज्यादा अंकों की गिरावट रही और यह 22,250 के स्तर के आसपास पहुंच गया। मेटल, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।बाजार में इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों का 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाना, RBI के ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।

RBI के सख्त रुख से बाजार पर दबाव

करीब चार साल में पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद RBI ने अपने रुख को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है। इससे बाजार में यह आशंका बढ़ी है कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऊंची ब्याज दरों का असर कंपनियों की लागत और निवेश पर पड़ सकता है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।

बॉन्ड यील्ड में तेजी भी बनी चिंता

ग्लोबल मार्केट में बॉन्ड की बिकवाली बढ़ने से अमेरिकी 30 साल की बॉन्ड यील्ड 5.71% के पार पहुंच गई है, जबकि 10 साल की यील्ड भी 5.3% से ऊपर चली गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों के लिए डेट मार्केट आकर्षक हो सकता है, जिससे शेयर बाजार से पैसा निकलने का दबाव बढ़ता है।

कच्चा तेल 102 डॉलर के पार

मिडिल ईस्ट में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर बढ़ते हमलों के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 2% बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। सप्लाई बाधित होने की आशंका और क्रूड इन्वेंट्री में कमी ने भी तेल की कीमतों को सहारा दिया है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल बाजार की चिंता बढ़ा सकता है।

FIIs की लगातार बिकवाली

विदेशी निवेशक भी भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। बुधवार को FIIs ने करीब 6,121 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। पिछले 9 कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली करीब 57 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs लगातार खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं।

टेक्निकल लेवल टूटने से बढ़ी बिकवाली

बाजार में तकनीकी स्तर टूटने के बाद भी बिकवाली तेज हुई। एक्सिस डायरेक्ट के विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी का 22,500 का सपोर्ट टूट चुका है। इसके बाद 22,300 और फिर 22,180 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 22,180 को 52-सप्ताह के निचले स्तर के तौर पर देखा जा रहा है।

IPO शेयरों की भी हुई लिस्टिंग

गुरुवार को विशाल निर्मिति और नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी के शेयरों की बाजार में लिस्टिंग हुई। विशाल निर्मिति के शेयर इश्यू प्राइस 220 रुपये के मुकाबले NSE और BSE दोनों पर 215 रुपये यानी करीब 2.27% डिस्काउंट पर लिस्ट हुए।वहीं, नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी की लिस्टिंग बेहतर रही। 75 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर NSE पर 80 रुपये यानी 6.67% प्रीमियम और BSE पर 82 रुपये यानी 9.33% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ।

एशियाई बाजार भी दबाव में

भारतीय बाजार के अलावा एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।इससे पहले बुधवार, 7 अक्टूबर को भी भारतीय बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 429 अंक टूटकर 72,639 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी करीब 173 अंक गिरकर 22,603 के स्तर पर बंद हुआ था।

यानी महंगा कच्चा तेल, RBI का सख्त रुख, बॉन्ड यील्ड में तेजी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर टेक्निकल संकेत—इन सभी वजहों से बाजार पर दबाव बढ़ा है। अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र में निफ्टी के 22,300 और 22,180 के स्तर पर रहेगी।

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