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शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 876 अंक लुढ़ककर 73,853 पर बंद, निफ्टी में भी बड़ी गिरावट; निवेशकों के डूबे अरबों रुपये

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 876 अंक लुढ़ककर 73,853 पर बंद, निफ्टी में भी बड़ी गिरावट; निवेशकों के डूबे अरबों रुपये

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 876 अंक यानी 1.17% टूटकर 73,853 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 257 अंक यानी 1.11% गिरकर 22,889 पर आ गया। IT, प्राइवेट बैंक और FMCG सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव सबसे ज्यादा देखने को मिला।

बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता ने भी बाजार की चाल पर दबाव डाला।

सेंसेक्स-निफ्टी समेत प्रमुख इंडेक्स का हाल

इंडेक्स बंद स्तर गिरावट
सेंसेक्स 73,853 876 अंक (-1.17%)
निफ्टी 22,889 257 अंक (-1.11%)
मिडकैप 50 16,768 178 अंक (-1.05%)
स्मॉलकैप 50 9,526 57 अंक (-0.60%)

इन शेयरों में दिखी तेजी

बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, निफ्टी के प्रमुख गेनर्स में ये शेयर शामिल रहे:

  • JSW स्टील: ₹1,241 पर बंद, 2.06% की बढ़त।

  • ONGC: ₹225 पर बंद, 1.35% की तेजी।

  • SBI: ₹974 पर बंद, 1.15% की बढ़त।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख लूजर्स में एक्सिस बैंक, TMPV और इंफोसिस शामिल रहे।

  • एक्सिस बैंक: ₹1,236 पर बंद, 4.19% की गिरावट।

  • TMPV: ₹278 पर बंद, 3.09% नीचे।

  • इंफोसिस: ₹1,131 पर बंद, 2.63% की गिरावट।

शेयर बाजार गिरने की 4 बड़ी वजहें

1. बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

HDFC बैंक के तिमाही नतीजों में मुनाफे और नेट इंटरेस्ट मार्जिन को लेकर चिंताओं के बीच बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखने को मिला। इससे बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

2. ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत

अमेरिका और एशिया के बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। खासकर टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

3. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें

कच्चे तेल का भाव 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहने से भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। तेल महंगा होने से आयात बिल, परिवहन लागत और महंगाई बढ़ सकती है, जिसका असर कंपनियों की कमाई पर भी पड़ सकता है।

4. निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता

इंडिया VIX में करीब 4% की तेजी बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत देती है। ऐसे माहौल में निवेशक सतर्क रुख अपनाते हैं और जोखिम वाले शेयरों में खरीदारी कम कर सकते हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने पिछले 7 दिनों में 7,282 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। वहीं, पिछले 30 दिनों में उनकी शुद्ध बिकवाली 85,741 करोड़ रुपये रही।

इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने पिछले 30 दिनों में 87,980 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। हालांकि, घरेलू निवेशकों की खरीदारी के बावजूद बाजार में गिरावट देखने को मिली।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में कारोबार के दौरान अलग-अलग रुझान देखने को मिले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.76% चढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 0.62% गिरा। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.52% की बढ़त के साथ बंद हुआ।

इससे पहले 16 अक्टूबर को अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 0.34%, नैस्डैक 2.14% और S&P 500 करीब 1.09% नीचे बंद हुए थे।

पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में आई थी तेजी

16 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 413 अंक बढ़कर 74,729 पर और निफ्टी 148 अंक चढ़कर 23,146 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, सोमवार को बाजार ने पिछली बढ़त गंवा दी।

निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?

कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुख पर आने वाले कारोबारी सत्रों में नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और निवेश से पहले अपने जोखिम का आकलन करना चाहिए।

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