बिना किसी डिग्री के ऐसे शुर करे रंगीन फूलगोभी की खेती, सिर्फ 3 से 4 महीनों में किसान फौरन बन जाएंगे लखपति
बिज़नेस न्यूज़ डेस्क - किसान पहले से काफी जागरूक हो गए हैं। वे खेती में नए-नए प्रयोग करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। अब वे पारंपरिक खेती से अलग नकदी फसलों पर खास ध्यान दे रहे हैं. जिससे कमाई के रास्ते खुल गए हैं। इसी तरह अगर आप भी खेती के जरिए अच्छी खासी कमाई करना चाहते हैं तो रंगीन फूलगोभी की खेती कर सकते हैं. अभी तक आपने सिर्फ सफेद फूलगोभी ही देखी होगी। लेकिन रंगीन फूलगोभी की फसल में आप हरी, नीली, पीली, नारंगी जैसी कई तरह की फूलगोभी उगा सकते हैं। इन रंगीन गोभी की मांग भी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। दरअसल, वैज्ञानिकों ने रंगीन फूलगोभी की एक नई किस्म तैयार की है। इस रंगीन गोभी के जरिए किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। साथ ही इस तरह की गोभी के सेवन से कई गंभीर बीमारियों से भी बचाव होता है। यानी रंगीन गोभी सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है।
जानिए कितनी तरह की होती है रंगीन फूलगोभी
भारत में कई किसान रंगीन फूलगोभी की फसल लगा रहे हैं. खास तौर पर बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में किसानों को रंगीन फूलगोभी की खेती से काफी अच्छे नतीजे मिले हैं. इसकी खेती के लिए सितंबर से अक्टूबर के बीच नर्सरी तैयार की जाती है। 20 से 30 दिनों के अंदर रोपाई कर दी जाती है। रंगीन फूलगोभी में पीली फूलगोभी को कैरोटेना, गुलाबी फूलगोभी को एलेंटिला और हरी फूलगोभी को ब्रोकली कहते हैं। रंगीन फूलगोभी की खेती करने से पहले मिट्टी की जांच और जलवायु का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। रंगीन फूलगोभी की बेहतर पैदावार के लिए तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 6.5 होना चाहिए।
रंगीन फूलगोभी से मोटी कमाई
रंगीन फूलगोभी की फसल 3-4 महीने में तैयार हो जाती है। आमतौर पर सफेद फूलगोभी करीब 20 रुपये प्रति किलो बिकती है। रंगीन फूलगोभी दोगुनी कीमत पर बिकती है। जितनी मेहनत और खर्च में सफेद फूलगोभी उगाई जाती है, उतनी ही मेहनत और खर्च में रंगीन फूलगोभी भी उगाई जा सकती है। मोटापा, हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए रंगीन फूलगोभी का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है।

