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Solar Panel: छत पर लगवाएं 1kW का सोलर सिस्टम, सब्सिडी के बाद सिर्फ 20 हजार का खर्च; ऐसे कम होगा बिजली बिल
 

Solar Panel: छत पर लगवाएं 1kW का सोलर सिस्टम, सब्सिडी के बाद सिर्फ 20 हजार का खर्च; ऐसे कम होगा बिजली बिल


हर महीने बढ़ता बिजली का बिल घर के बजट पर असर डालता है। ऐसे में रूफटॉप सोलर सिस्टम बिजली खर्च को कम करने का एक विकल्प बनकर सामने आया है। सही क्षमता का सोलर सिस्टम लगाने और सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने पर शुरुआती निवेश काफी कम हो सकता है। कई परिस्थितियों में सोलर से बनने वाली बिजली आपके मासिक बिल को काफी घटा सकती है।

हालांकि, सोलर सिस्टम से होने वाली बचत हर घर में एक जैसी नहीं होती। यह सिस्टम की क्षमता, घर की बिजली खपत, स्थानीय बिजली दर, धूप की उपलब्धता और मिलने वाली सब्सिडी जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

1kW सोलर सिस्टम पर कितना खर्च आएगा?

एक उदाहरण के तौर पर 1 किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम की अनुमानित लागत करीब 50,000 रुपये मानी गई है। अगर उपभोक्ता को पीएम सूर्य घर योजना के तहत 30,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है, तो शुरुआती लागत घटकर करीब 20,000 रुपये रह सकती है।

इस तरह सरकारी सहायता की वजह से परिवार को सोलर सिस्टम लगाने के लिए अपनी जेब से अपेक्षाकृत कम रकम खर्च करनी पड़ सकती है।

रोज करीब 4 यूनिट बिजली बनाने का अनुमान

एक्सपर्ट भावना त्यागी के मुताबिक, अच्छी धूप और अनुकूल मौसम में 1kW का सोलर सिस्टम औसतन करीब 4 यूनिट बिजली प्रतिदिन पैदा कर सकता है। इस हिसाब से महीने में लगभग 120 यूनिट बिजली का उत्पादन संभव है।

अगर किसी घर की मासिक खपत भी करीब 120 यूनिट है और बिजली की दर 3 रुपये प्रति यूनिट है, तो उदाहरण के तौर पर सोलर से करीब 360 रुपये महीने की बचत हो सकती है।

इस हिसाब से सालाना बचत करीब 4,320 रुपये बैठती है। 20,000 रुपये के शुरुआती खर्च के आधार पर साधारण गणना में निवेश की भरपाई करीब 4.6 साल में हो सकती है।

हालांकि, वास्तविक बचत और पेबैक पीरियड आपके बिजली टैरिफ, सोलर उत्पादन, सिस्टम की लागत, सब्सिडी और बिजली खपत के पैटर्न के आधार पर अलग हो सकता है।

सिर्फ सोलर लगाना काफी नहीं, सही क्षमता चुनना जरूरी

घर में सोलर सिस्टम लगवाने से पहले अपनी औसत बिजली खपत देखना जरूरी है। अगर घर में बिजली की खपत कम है और सिस्टम जरूरत से काफी बड़ा लगा दिया जाता है, तो निवेश का फायदा अलग तरह से सामने आएगा। वहीं ज्यादा खपत वाले घर में छोटी क्षमता का सिस्टम लगाने से पूरी जरूरत पूरी नहीं हो पाएगी।

इसलिए सिस्टम की क्षमता तय करने से पहले पिछले कुछ महीनों के बिजली बिल और औसत यूनिट खपत को देखना बेहतर है।

भारत में रूफटॉप सोलर की बड़ी संभावनाएं

भारत में घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने की तकनीकी क्षमता करीब 118 गीगावाट आंकी गई है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने में मदद की है।

सीईईडब्ल्यू के रिसर्च के मुताबिक, सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और आर्थिक फायदे की पर्याप्त जानकारी लोगों तक पहुंचना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। जागरूकता बढ़ने पर देश में करीब 90 गीगावाट तक रूफटॉप सोलर क्षमता हासिल करने की संभावना जताई गई है।

सोलर लगवाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अपने घर की औसत मासिक बिजली खपत देखें।
सिस्टम की क्षमता का चुनाव जरूरत के हिसाब से करें।
सब्सिडी के लिए पात्रता और मौजूदा नियम जांचें।
इंस्टॉलेशन की कुल लागत में पैनल, इन्वर्टर और अन्य उपकरणों का खर्च समझें।
स्थानीय बिजली वितरण कंपनी के नियम और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लें।
सोलर सिस्टम लगवाने के लिए भरोसेमंद और अधिकृत विक्रेता का चयन करें।

सोलर सिस्टम लंबे समय में बिजली खर्च घटाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे लगवाने से पहले लागत, सब्सिडी, बिजली की खपत और स्थानीय नियमों का सही हिसाब लगाना जरूरी है। सही क्षमता और उचित योजना के साथ रूफटॉप सोलर घर के बिजली खर्च को कम करने का प्रभावी विकल्प बन सकता है।
 

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