SIP Investment: 1,000 रुपये की मासिक SIP से 20 साल में कितना बनेगा फंड? 10% स्टेप-अप से बढ़ सकती है रकम
लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) निवेश का एक लोकप्रिय तरीका है। लेकिन अगर आप 15 से 20 साल जैसे लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं, तो केवल हर महीने एक निश्चित रकम जमा करना ही काफी नहीं है। बढ़ती आमदनी के साथ निवेश की राशि बढ़ाना भी आपके वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर सकता है। इसी रणनीति को स्टेप-अप SIP कहा जाता है।
स्टेप-अप SIP में निवेशक हर साल अपनी मासिक निवेश राशि को तय प्रतिशत या रकम से बढ़ाता है। वैल्यू रिसर्च के 9 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 20 साल की अवधि में सामान्य SIP और सालाना 10% स्टेप-अप SIP के नतीजों में बड़ा अंतर देखने को मिला।
10% स्टेप-अप से निवेश में कितना अंतर?
मान लीजिए कि कोई निवेशक 20 साल तक हर महीने 1,000 रुपये की सामान्य SIP करता है। इस दौरान उसका कुल निवेश 2.40 लाख रुपये होगा। वहीं, अगर वह हर साल SIP की रकम 10% बढ़ाता है, तो 20 साल में उसका कुल निवेश करीब 6.87 लाख रुपये हो जाएगा।
इस तरह स्टेप-अप SIP में निवेश की रकम धीरे-धीरे बढ़ती है। हालांकि, अंतिम फंड कितना बनेगा, यह संबंधित फंड के रिटर्न और बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। बीते समय में मिले रिटर्न भविष्य में समान रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं देते।
20 साल के SIP रिटर्न में इन फंड्स का प्रदर्शन
वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों में बताए गए 20 साल के SIP रिटर्न के आधार पर कुछ फंड्स का प्रदर्शन इस प्रकार रहा। नीचे दी गई रकम 1,000 रुपये की मासिक सामान्य SIP और सालाना 10% स्टेप-अप SIP के लिए बताए गए आंकड़ों पर आधारित है।
| फंड का नाम |
20 साल का SIP रिटर्न |
सामान्य SIP से फंड |
10% स्टेप-अप SIP से फंड |
| निप्पॉन इंडिया ETF निफ्टी नेक्स्ट 50 जूनियर बीज़ |
13.54% |
₹11,09,210 |
₹21,61,414 |
| निप्पॉन इंडिया ETF निफ्टी बैंक बीज़ |
12.38% |
₹9,63,140 |
₹19,31,933 |
| क्वांटम वैल्यू फंड |
12.15% |
₹9,36,689 |
₹18,89,939 |
| निप्पॉन इंडिया ETF निफ्टी 50 बीज़ |
10.86% |
₹8,02,057 |
₹16,73,728 |
| ICICI प्रूडेंशियल BSE सेंसेक्स ETF |
10.62% |
₹7,79,391 |
₹16,36,876 |
निवेश शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
स्टेप-अप SIP का फायदा यह है कि आमदनी बढ़ने के साथ निवेश भी बढ़ाया जा सकता है। इससे लंबे समय में निवेश की कुल राशि और संभावित फंड दोनों बढ़ सकते हैं। लेकिन निवेश की रकम इतनी ही तय करें, जिसे आप नियमित रूप से जमा कर सकें। साथ ही, फंड चुनते समय उसके जोखिम, निवेश की रणनीति, खर्च और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है, निवेश की सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड और ETF में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। ऐतिहासिक रिटर्न भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते। निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेज पढ़ें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

