SFC Environmental IPO Listing: आज शेयर बाजार में होगी कंपनी की एंट्री, 9.47 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद निवेशकों की नजर लिस्टिंग पर
SFC Environmental Technologies के IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों की नजर आज शेयर बाजार पर रहेगी। कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग होने जा रही है। इसका आईपीओ 27 से 29 अक्टूबर तक निवेश के लिए खुला था, जबकि शेयरों का अलॉटमेंट 30 अक्टूबर को पूरा हुआ था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए कुल 667.53 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी।
आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। अब बाजार में कंपनी के शेयर किस भाव पर शुरुआत करते हैं, यह निवेशकों के लिए अहम रहेगा।
SFC Environmental IPO को मिला 9.47 गुना सब्सक्रिप्शन
कंपनी ने अपने IPO का प्राइस बैंड 313 से 330 रुपये प्रति शेयर तय किया था। इस इश्यू को कुल 9.47 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों की अलग-अलग श्रेणियों में भी अच्छी मांग देखने को मिली।
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 18.81 गुना
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII): 12.81 गुना
- रिटेल निवेशक: 2.71 गुना
667.53 करोड़ रुपये का था IPO
SFC Environmental Technologies का कुल इश्यू 667.53 करोड़ रुपये का था। इसमें 150 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए, जबकि 517.53 करोड़ रुपये के शेयर प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशकों ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे।
कंपनी नए शेयरों से मिलने वाली रकम में से 42.2 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने और 74.9 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में खर्च करने की योजना बना रही है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।
क्या काम करती है SFC Environmental Technologies?
साल 2005 में शुरू हुई SFC Environmental Technologies मुंबई स्थित कंपनी है। यह गंदे पानी को साफ करने, पानी को दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने और ठोस कचरे के ट्रीटमेंट से जुड़े कारोबार में काम करती है। कंपनी की तकनीकों में C-Tech भी शामिल है।
इसके ग्राहकों में SMC Infrastructures, Rajkamal Builders Infrastructure, Ramky Infrastructure, EMS और Enviro Infra Engineers जैसी कंपनियां शामिल हैं।
अगस्त 2026 तक कंपनी के पास कुल 1,656.5 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे। इनमें 641 करोड़ रुपये के ऑर्डर सीवेज ट्रीटमेंट, 561 करोड़ रुपये के पानी को दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने और 454.5 करोड़ रुपये के ठोस कचरे के ट्रीटमेंट से जुड़े थे।
कंपनी के वित्तीय नतीजों में सुधार
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो जून 2026 की तिमाही में उसे 1.5 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1.3 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया गया था।
इस दौरान कंपनी की आय बढ़कर 133.9 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 67.8 करोड़ रुपये थी। जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल 253.1 करोड़ रुपये का कर्ज था। IPO से मिलने वाली रकम के एक हिस्से का इस्तेमाल कर्ज कम करने के लिए किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
IPO को मिले सब्सक्रिप्शन और कंपनी के ऑर्डर बुक के आंकड़ों के बाद अब निवेशकों की नजर शेयरों की लिस्टिंग पर है। हालांकि, मजबूत सब्सक्रिप्शन का मतलब यह नहीं है कि शेयर बाजार में भी अच्छा प्रदर्शन ही करेगा। लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और कंपनी के प्रदर्शन जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, IPO दस्तावेजों और जोखिमों का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

