बैंक से अस्पताल तक मोबाइल पर सेवाएं, वीडियो में PM मोदी बोले- DBT से 5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण को संबोधित करते हुए भारत की डिजिटल और टेलीकॉम प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत या चैटिंग का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह सुशासन और सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। बैंकिंग, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों से जुड़ी सैकड़ों सेवाएं अब मोबाइल फोन के जरिए उपलब्ध हैं।
DBT से 5 लाख करोड़ रुपए बचने का दावा
पीएम मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का पैसा अब सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, DBT के जरिए करीब 50 लाख करोड़ रुपए लाभार्थियों के खातों तक पहुंचे हैं और इस व्यवस्था से करीब 5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। उन्होंने इसे सरकारी योजनाओं में लीकेज रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल से जुड़े बैंक खातों के जरिए लोगों तक सरकारी सहायता सीधे पहुंच रही है। इससे लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है। उन्होंने PM-KISAN योजना का भी उल्लेख किया और बताया कि किसानों के खातों में बड़ी मात्रा में राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
2022 में इसी मंच से शुरू हुआ था 5G
प्रधानमंत्री ने भारत की 5G यात्रा को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में इसी इंडिया मोबाइल कांग्रेस के मंच से देश में 5G की शुरुआत हुई थी। इसके बाद 2023 में उन्होंने 5G के विस्तार और देश के कोने-कोने तक इसकी पहुंच की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही थी।सरकार के अनुसार, जून 2026 तक देश में 5G सेवाएं 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंच चुकी थीं और 5.63 लाख 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन स्थापित हो चुके थे।
AI और 6G पर रहेगा फोकस
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और 6G जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अब नई तकनीकी क्षमताओं के साथ आगे बढ़ना है। मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल केवल संचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन, कारोबार, शिक्षा और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रहा है।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र रफ्तार पकड़ रहा है और अब इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में सप्लाई चेन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।सरकार ने हाल ही में Semicon 2.0 मंजूरी दी है, जिसके तहत सेमीकंडक्टर डिजाइन, उपकरण और सामग्री, फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च और डेवलपमेंट तथा टैलेंट डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों पर काम किया जाना है।पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन अब नए पड़ाव पार करने की जरूरत है। इसके लिए तकनीकी क्षमता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन से जुड़े प्रयासों को लगातार व्यापक बनाना होगा।

