Senior Citizens FD: वरिष्ठ नागरिकों के लिए कौन-से बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा ब्याज?
नई दिल्ली: सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आय की तलाश कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी एक पसंदीदा विकल्प है। FD में निवेश करने पर बैंक तय ब्याज दर के आधार पर रिटर्न देते हैं और बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर जमा रकम पर नहीं पड़ता। खास बात यह है कि कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में ज्यादा ब्याज दर ऑफर करते हैं।
मौजूदा दरों के अनुसार, कुछ बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों को FD पर 8% से ज्यादा सालाना ब्याज मिल रहा है। हालांकि, FD कराने से पहले सिर्फ ब्याज दर देखना ही काफी नहीं है। निवेश की अवधि, समय से पहले निकासी के नियम और बैंक की शर्तों को भी समझना जरूरी है।
इन बैंकों में मिल रहा आकर्षक ब्याज
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ बैंकों की FD पर ब्याज दरें काफी प्रतिस्पर्धी हैं। Repco Bank में 5 साल तक की FD पर ब्याज दर करीब 4.25% से 8.25% तक बताई गई है। वहीं Yes Bank में यह दर 3.75% से 8% तक है।
DCB Bank वरिष्ठ नागरिकों को 4.25% से 7.90% तक और Bandhan Bank 3.75% से 7.75% तक ब्याज दे रहा है। IndusInd Bank में यह दर 4% से 7.75% तक बताई गई है।
इसके अलावा Tamilnad Mercantile Bank में वरिष्ठ नागरिकों के लिए FD की दर 5.25% से 7.50%, Deutsche Bank में 3% से 7.50% और Karur Vysya Bank में करीब 7.40% से 7.80% तक बताई गई है।
IDFC First Bank में 5 साल तक की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 3.50% से 7.25% और IDBI Bank में 3.50% से 7% तक ब्याज मिल रहा है। वहीं DBS Bank की दर 2.50% से 7% तक है।
बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों की दरें
अगर आप किसी बड़े और स्थापित बैंक में FD कराने की सोच रहे हैं, तो SBI में वरिष्ठ नागरिकों को अलग-अलग अवधि के हिसाब से करीब 4% से 7.30% तक ब्याज मिल रहा है।
HDFC Bank में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 साल से कम अवधि की FD पर करीब 3.50% से 6.50% और 1 से 5 साल की अवधि पर 7.10% से 7.90% तक ब्याज बताया गया है।
Canara Bank में यह दर करीब 4% से 7.90% तक, जबकि Punjab National Bank (PNB) में करीब 4% से 7.50% तक है। HSBC Bank में वरिष्ठ नागरिकों को अवधि के अनुसार करीब 3.35% से 7.50% तक ब्याज मिल रहा है।
ज्यादा ब्याज के चक्कर में पूरी रकम लॉक न करें
FD में निवेश करते समय सबसे जरूरी बात उसकी अवधि है। अगर आने वाले कुछ वर्षों में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो पूरी रकम को एक ही लंबी अवधि की FD में जमा करना समझदारी नहीं हो सकती।
इसके बजाय रकम को अलग-अलग अवधि की FD में बांटा जा सकता है। इसे आमतौर पर FD लैडरिंग की रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इससे अलग-अलग समय पर FD मैच्योर होती रहती हैं और जरूरत पड़ने पर पैसा उपलब्ध कराया जा सकता है।
₹5 लाख के डिपॉजिट इंश्योरेंस को समझें
बड़ी रकम FD में लगाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा भी ध्यान में रखनी चाहिए। DICGC के नियमों के तहत एक बैंक में एक जमाकर्ता के मूलधन और ब्याज को मिलाकर अधिकतम ₹5 लाख तक जमा बीमा कवर मिलता है।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति बहुत बड़ी रकम सुरक्षित रखना चाहता है, तो पूरी राशि एक ही बैंक में जमा करने के बजाय अलग-अलग बैंकों में निवेश करने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
FD कराने से पहले इन बातों की करें जांच
• बैंक की मौजूदा FD ब्याज दर जरूर देखें।
• वरिष्ठ नागरिकों के लिए मिलने वाली अतिरिक्त ब्याज दर की पुष्टि करें।
• FD की मैच्योरिटी अवधि अपनी जरूरत के अनुसार चुनें।
• समय से पहले FD तोड़ने पर लगने वाली पेनल्टी समझें।
• ब्याज भुगतान मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर लेने का विकल्प देखें।
• बड़ी रकम जमा करने पर DICGC की ₹5 लाख वाली बीमा सीमा को ध्यान में रखें।
ध्यान रखें: FD की ब्याज दरें बैंक समय-समय पर बदल सकते हैं। निवेश करने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से मौजूदा ब्याज दर और सभी नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

