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SBI Loan Interest Rate Hike: SBI ने बढ़ाईं लोन की ब्याज दरें, अब बढ़ सकती है EMI; जानें 15 अक्टूबर से क्या बदला

SBI Loan Interest Rate Hike: SBI ने बढ़ाईं लोन की ब्याज दरें, अब बढ़ सकती है EMI; जानें 15 अक्टूबर से क्या बदला

महंगाई के बीच आम लोगों के लिए घर का बजट संभालना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में अगर आपने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से होम लोन, कार लोन या कोई अन्य लोन लिया है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। बैंक की कुछ बेंचमार्क लेंडिंग दरों में बढ़ोतरी की गई है। इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनका लोन इन दरों से जुड़ा हुआ है।

ब्याज दरों में बदलाव के बाद कुछ ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि में बदलाव हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि ग्राहक का लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है और उसकी ब्याज दर कब रीसेट होती है।

SBI ने RLLR में कितनी बढ़ोतरी की?

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, SBI ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 7.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.75 प्रतिशत कर दिया है। यानी इसमें 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई है।

RLLR वह दर है, जो रेपो रेट से जुड़ी होती है। इस दर से जुड़े लोन की ब्याज दर में बदलाव होने पर ग्राहकों की EMI या लोन चुकाने की अवधि प्रभावित हो सकती है। हालांकि, बैंक द्वारा लागू की जाने वाली अंतिम ब्याज दर में क्रेडिट रिस्क प्रीमियम (CRP) जैसे अन्य घटक भी शामिल हो सकते हैं।

MCLR में भी हुआ बदलाव

SBI ने कुछ अवधियों के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में भी बढ़ोतरी की है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दरों में बदलाव इस प्रकार है:

  • एक साल का MCLR: 8.70% से बढ़कर 8.85%

  • तीन महीने का MCLR: 8.25% से बढ़कर 8.40%

  • छह महीने का MCLR: 8.75%

  • तीन साल का MCLR: 8.95%

  • एक महीने और ओवरनाइट MCLR: 7.85%

MCLR के आधार पर तय होने वाले लोन की ब्याज दर में बदलाव तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है। यह लोन के रीसेट नियमों और बैंक की शर्तों पर निर्भर करता है।

EBLR भी 0.25 प्रतिशत बढ़ा

SBI ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट (EBLR) को 7.90 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत कर दिया है। इसमें भी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

EBLR से जुड़े लोन की अंतिम ब्याज दर में CRP और बेंचमार्क स्प्रेड (BSP) जैसे अतिरिक्त घटक शामिल हो सकते हैं। इसलिए सभी ग्राहकों की ब्याज दर एक जैसी नहीं होगी।

क्या अब आपकी EMI भी बढ़ जाएगी?

ब्याज दरों में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि SBI के हर ग्राहक की EMI तुरंत बढ़ जाएगी। इसका असर मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका लोन RLLR, EBLR या MCLR में से किस दर से जुड़ा है।

अगर आपके लोन की ब्याज दर बढ़ती है, तो बैंक आमतौर पर दो विकल्पों में बदलाव कर सकता है:

  1. EMI बढ़ाना: हर महीने पहले से ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है।

  2. लोन की अवधि बढ़ाना: EMI समान रह सकती है, लेकिन लोन चुकाने में अधिक समय लग सकता है।

किस विकल्प को लागू किया जाएगा, यह लोन की शर्तों और बैंक की नीति पर निर्भर करता है।

नई ब्याज दरें कब से लागू हुईं?

दी गई जानकारी के अनुसार, SBI की ये नई दरें 15 अक्टूबर 2026 से लागू बताई गई हैं। हालांकि, ग्राहकों को सलाह है कि वे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या अपनी लोन शाखा से दरों और लागू होने की तारीख की पुष्टि कर लें।

आपके लिए जरूरी बात: अगर आपने SBI से होम लोन या अन्य लोन लिया है, तो अपनी लोन स्टेटमेंट में लागू बेंचमार्क, मौजूदा ब्याज दर और अगली रीसेट तारीख जरूर जांचें। इससे आपको पता चल सकेगा कि नई दरों का आपकी EMI पर कब और कितना असर पड़ सकता है।

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