महंगाई से मिलेगी राहत! दिल्ली-NCR में कल से ₹35/किलो मिलेगा प्याज; NCCF चेयरमैन ने बताई पूरी प्लानिंग
प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच दिल्ली-NCR के लोगों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ यानी NCCF ने 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचने का फैसला किया है। दिल्ली में लोग NCCF के 15 रिटेल आउटलेट और भारत ब्रांड की 105 दुकानों से सस्ती दर पर प्याज खरीद सकेंगे। जिन इलाकों में ये दुकानें नहीं हैं, वहां मोबाइल वैन के जरिए प्याज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए NCCF ने 15 मोबाइल वैन की व्यवस्था की है।
NCCF के चेयरमैन विशाल सिंह ने बातचीत में बताया कि रियायती दर पर एक व्यक्ति को अधिकतम 2 किलो प्याज दिया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवारों को इसका फायदा मिल सके।
नासिक से दिल्ली आएगा प्याज
विशाल सिंह के मुताबिक, महाराष्ट्र के नासिक से 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए दिल्ली में प्याज भेजा जा रहा है। सरकार ने बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और आम लोगों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है। पिछले साल भी 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए दिल्ली समेत देश के कई शहरों में प्याज की खेप भेजी गई थी।
2-3 दिन में शुरू हो सकती है बिक्री
NCCF चेयरमैन ने बताया कि 35 रुपये किलो प्याज की बिक्री अगले 2 से 3 दिनों में शुरू होने की उम्मीद है। नासिक से सरकारी बफर स्टॉक लेकर 'कांदा एक्सप्रेस' के दिल्ली पहुंचने के बाद बिक्री शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के बाद नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी इस योजना का विस्तार किया जाएगा। सरकार देश के अन्य शहरों में भी बफर स्टॉक भेजने की तैयारी कर रही है, जिससे प्याज की कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
सरकार के पास 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक
प्याज का बफर स्टॉक केंद्र सरकार का रणनीतिक भंडार होता है। जब बाजार में प्याज की आपूर्ति कम होती है या कीमतों में अचानक बढ़ोतरी होती है, तब इस स्टॉक के जरिए बाजार में हस्तक्षेप किया जाता है।
सरकार के मुताबिक, चालू वर्ष के लिए उसके पास 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक मौजूद है। इसे NAFED और NCCF जैसी एजेंसियों के जरिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत खरीदा जाता है।
दिल्ली में 55-65 रुपये किलो पहुंचा प्याज
हाल के दिनों में दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव बढ़कर करीब 55 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। NCCF के मुताबिक, कीमतों में तेजी के पीछे बाजार में कार्टेलाइजेशन की भी भूमिका रही है।
सरकारी बफर स्टॉक को नियंत्रित तरीके से बाजार में उतारकर प्याज की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे खुदरा कीमतों पर दबाव कम होने और आने वाले समय में आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

