Reliance Power Share: ED की कार्रवाई के बाद 5% से ज्यादा टूटा अनिल अंबानी की कंपनी का शेयर, जानिए पूरा मामला
रिलायंस पावर के शेयरों में 15 अक्टूबर को भारी गिरावट देखने को मिली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद कंपनी का शेयर 5% से ज्यादा टूट गया। ED ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले समूह की कंपनी रिलायंस पावर से जुड़ी 2,032.81 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। इस खबर के बाद निवेशकों की नजर कंपनी के शेयर पर बनी हुई है।ED की यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। एजेंसी के मुताबिक, जब्त की गई संपत्तियों में रिलायंस पावर के बैंक खाते और सासन पावर लिमिटेड में कंपनी की हिस्सेदारी शामिल है।
ED ने रिलायंस पावर के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
प्रवर्तन निदेशालय ने 12 अक्टूबर को FEMA की धारा 37A के तहत संपत्तियों की जब्ती का आदेश जारी किया था। एजेंसी की कार्रवाई के बाद कंपनी के शेयरों पर दबाव देखने को मिला।वहीं, रिलायंस पावर ने नियामकीय फाइलिंग में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। कंपनी ने कहा है कि वह अपने और शेयरधारकों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाएगी।
क्या है ED की जांच का पूरा मामला?
ED की जांच रिलायंस पावर के खातों में दर्ज 2,101.46 करोड़ रुपये के बट्टे खाते में डाले गए निवेश और प्रावधानों से संबंधित है। ये निवेश ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और केमैन आइलैंड्स की कंपनियों में किए गए विदेशी निवेश और अग्रिम भुगतान से जुड़े बताए गए हैं।एजेंसी के अनुसार, इस मामले की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। उस समय रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड ने विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड के जरिए 300 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
इसमें से 275 मिलियन डॉलर सिंगापुर स्थित एक सहायक कंपनी में निवेश किए गए। इसके बाद इस सहायक कंपनी ने जिनेवा स्थित ड्यूश बैंक (सुइस) एसए में रकम जमा की।ED का आरोप है कि इस जमा रकम का इस्तेमाल विदेशी कंपनियों को दिए गए कर्ज के लिए गारंटी के तौर पर किया गया। एजेंसी ने लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेरफेर की आशंका भी जताई है। हालांकि, कंपनी ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया है।
15 अक्टूबर को रिलायंस पावर के शेयर का क्या रहा हाल?
15 अक्टूबर को बीएसई पर रिलायंस पावर का शेयर 19.68 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान शेयर ने 19.84 रुपये का उच्चतम और 18.80 रुपये का न्यूनतम स्तर छुआ।बाजार के तकनीकी जानकारों के मुताबिक, 19 रुपये और 18.50 रुपये के स्तर पर शेयर को सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, 21.50 रुपये का स्तर शेयर के लिए रेजिस्टेंस माना जा रहा है।हालांकि, ये तकनीकी स्तर संभावनाओं पर आधारित हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं। आगे शेयर की चाल बाजार के रुझान, ED की जांच से जुड़े घटनाक्रम और कंपनी की ओर से आने वाली जानकारी पर निर्भर करेगी।
निवेशकों को अब क्या ध्यान रखना चाहिए?
ED की कार्रवाई के बाद रिलायंस पावर के शेयर में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। निवेशकों को कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं, नियामकीय फाइलिंग और जांच से जुड़े नए अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

