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PNB MCLR Hike: पंजाब नेशनल बैंक ने बढ़ाईं सभी 6 अवधि की ब्याज दरें, होम और पर्सनल लोन की EMI पर पड़ सकता है असर

PNB MCLR Hike: पंजाब नेशनल बैंक ने बढ़ाईं सभी 6 अवधि की ब्याज दरें, होम और पर्सनल लोन की EMI पर पड़ सकता है असर

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहकों के लिए अहम खबर है। बैंक ने अपनी सभी छह टेन्योर की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस पॉइंट यानी 0.10% की बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू हो गई हैं। बैंक ने इसकी जानकारी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी गई फाइलिंग में दी है।

इस बदलाव के बाद PNB की MCLR दरें 8.10% से बढ़कर 9.20% के दायरे में पहुंच गई हैं। इससे उन ग्राहकों पर असर पड़ सकता है, जिन्होंने MCLR से जुड़े फ्लोटिंग ब्याज दर पर होम लोन, पर्सनल लोन या बिजनेस लोन लिया हुआ है।

क्या होती है MCLR?

MCLR का पूरा नाम मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट है। यह वह बेंचमार्क दर होती है, जिसके आधार पर बैंक अपने कई तरह के लोन की ब्याज दर तय करते हैं। आमतौर पर बैंक इस निर्धारित दर से कम पर लोन नहीं देते, हालांकि कुछ मामलों में नियामकीय छूट मिल सकती है।

जिन ग्राहकों का लोन MCLR से जुड़ा होता है, उनकी ब्याज दर इस बेंचमार्क में बदलाव के आधार पर घट या बढ़ सकती है। इसलिए MCLR में बढ़ोतरी होने पर लोन की ब्याज दर और EMI पर असर पड़ने की संभावना रहती है।

PNB की नई MCLR दरें कितनी हुईं?

बैंक ने सभी छह अवधि की MCLR में 0.10% की बढ़ोतरी की है। नई और पुरानी दरों का पूरा विवरण इस प्रकार है:

लोन की अवधि

पुरानी दर

नई दर

ओवरनाइट

8.00%

8.10%

1 महीना

8.25%

8.35%

3 महीने

8.50%

8.60%

6 महीने

8.65%

8.75%

1 साल

8.80%

8.90%

3 साल

9.10%

9.20%

Repo-Linked Lending Rate में बदलाव नहीं

PNB ने अपनी रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) में कोई बदलाव नहीं किया है। बैंक की RLLR बेंचमार्क स्प्रेड 0.35% सहित पहले की तरह 8.35% पर बरकरार है। इसके अलावा बैंक ने बेस रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया है। यह 9.50% पर स्थिर है।

RLLR सीधे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रेपो रेट से जुड़ी होती है। रेपो रेट में बदलाव होने पर इससे जुड़े लोन की ब्याज दर भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल PNB ने केवल MCLR दरों में बढ़ोतरी की है।

क्या ग्राहकों की बढ़ सकती है EMI?

MCLR में बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनका फ्लोटिंग रेट लोन इसी बेंचमार्क से जुड़ा है। हालांकि, नई दरें लागू होने के साथ हर ग्राहक की EMI तुरंत नहीं बढ़ेगी। इसका असर लोन की ब्याज दर रीसेट होने की तारीख पर निर्भर करेगा।

EMI में बदलाव इन बातों से तय होगा:

  • ग्राहक का लोन किस अवधि की MCLR से जुड़ा है।
  • लोन की ब्याज दर रीसेट होने की तारीख क्या है।
  • ग्राहक के लोन की कितनी राशि अभी बकाया है।
  • लोन की शेष अवधि कितनी है।

वहीं, RLLR से जुड़े लोन लेने वाले ग्राहकों पर PNB की इस MCLR बढ़ोतरी का सीधा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि बैंक ने अपनी RLLR में कोई बदलाव नहीं किया है।

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