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PM Modi का MSME पर बड़ा फोकस: 40 देशों से फ्री ट्रेड का फायदा उठाएं भारतीय कारोबारी, ग्लोबल मार्केट में छाने का दिया मंत्र

PM Modi का MSME पर बड़ा फोकस: 40 देशों से फ्री ट्रेड का फायदा उठाएं भारतीय कारोबारी, ग्लोबल मार्केट में छाने का दिया मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) से कहा कि वे देश के बढ़ते फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) नेटवर्क से मिलने वाले मौकों का पूरा फायदा उठाएं। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए मोदी ने बताया कि 2014 से भारत ने लगभग 40 देशों के साथ FTA किए हैं।

**अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पाद**

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, खासकर टेक्सटाइल, मशीनरी और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर में भारतीय उत्पादों की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने के लिए भारतीय व्यवसायों को हाई-क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखने पर ध्यान देना होगा।

**ग्लोबल पहचान पर जोर**

पीएम मोदी ने कहा, "भारत की ग्लोबल पहचान बढ़ रही है। आज, यह दुनिया के मंच पर एक सम्मानित देश के तौर पर उभर रहा है। भारत में एक स्थिर राजनीतिक व्यवस्था और सरकार, एक जीवंत लोकतंत्र और एक मजबूत न्यायपालिका है - ये सभी भारतीय संविधान के तहत काम करते हैं। दुनिया हमारी ताकत को पहचान रही है; इसीलिए, 2014 से हमने लगभग 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं।"

**'मौके का फायदा उठाएं'**

उन्होंने आगे कहा, "इन ट्रेड एग्रीमेंट से मिलने वाले बड़े मौके को देखें। मैं हमारे MSMEs से अपील करता हूं कि वे इस मौके को हाथ से न जाने दें; हमें ग्लोबल मंच तक पहुंचना होगा। भारतीय उत्पादों - चाहे वे टेक्सटाइल हों, मशीनरी हों या फार्मास्यूटिकल्स - को ग्लोबल बाजारों में अपनी जगह बनानी होगी। हम इस मौके को नहीं गंवा सकते।"

**इन देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट**

भारत ने हाल ही में UAE, मॉरिशस, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, EFTA ग्रुप और ओमान जैसे देशों और ग्रुप्स के साथ ट्रेड एग्रीमेंट लागू किए हैं। यूरोपियन यूनियन और न्यूजीलैंड के साथ भी एग्रीमेंट फाइनल हो चुके हैं। ऐसे एग्रीमेंट में आमतौर पर पार्टनर इकोनॉमीज़ के बीच ट्रेड होने वाले अलग-अलग सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी में कमी या उसे खत्म करना शामिल होता है। 

**बेहतर क्वालिटी पर जोर**

पीएम ने कहा, "हमें दुनिया में अभी उपलब्ध सामानों की तुलना में बेहतर क्वालिटी और कम कीमत पर सामान उपलब्ध कराना होगा। पंजाब के लुधियाना से लेकर तमिलनाडु के तिरुपुर तक फैले हमारे टेक्सटाइल सेक्टर में ग्लोबल बाजारों तक पहुंचने की क्षमता है।" प्रधानमंत्री ने भारत के सीफूड इंडस्ट्री, खासकर झींगा (shrimp) एक्सपोर्ट की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से केरल, गुजरात, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे तटीय राज्यों के एक्सपोर्टर्स के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं।

**आत्मनिर्भरता की कोशिश**

उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि हम इस स्थिति का पूरा फायदा उठाएं।" प्रधानमंत्री ने भारत के आत्मनिर्भर बनने की कोशिशों को बदलते ग्लोबल इकोनॉमिक माहौल से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जहां पहले ग्लोबलाइजेशन चर्चा का मुख्य विषय था, वहीं अब देश अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच, पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर और दवाओं जैसे जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल तेजी से रणनीतिक हथियारों के तौर पर किया जा रहा है। इस संदर्भ में, उन्होंने जोर दिया कि आत्मनिर्भरता पर भारत के फोकस ने उसकी तैयारी को मजबूत करने में मदद की है।

**GDP में अहम योगदान**

पीएम मोदी ने कहा, "MSME देश के मैन्युफैक्चरिंग में लगभग 35.4 प्रतिशत, एक्सपोर्ट में लगभग 48.58 प्रतिशत और GDP में 31.1 प्रतिशत का योगदान देते हैं।" इस सेक्टर में 7.47 करोड़ से ज्यादा एंटरप्राइज हैं जिनमें 32.82 करोड़ से ज्यादा लोग काम करते हैं, जिससे यह एग्रीकल्चर के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर बन गया है। ग्लोबल स्तर पर, MSME सभी बिजनेस का लगभग 90 प्रतिशत और कुल रोजगार का आधे से ज्यादा हिस्सा हैं।

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