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PM Kusum Yojana: किसानों को सोलर पंप पर सब्सिडी, अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई का मौका
 

PM Kusum Yojana: किसानों को सोलर पंप पर सब्सिडी, अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई का मौका

खेती में सिंचाई की लागत घटाने और किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना चला रही है। इस योजना का मकसद कृषि क्षेत्र में डीजल पर निर्भरता कम करना, सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के रास्ते तैयार करना है।

सोलर कृषि पंप पर मिलती है वित्तीय सहायता
PM-KUSUM के तहत ऐसे इलाकों में स्टैंड-अलोन सोलर कृषि पंप लगाने के लिए सहायता दी जाती है, जहां ग्रिड बिजली उपलब्ध नहीं है। योजना में केंद्र और राज्य स्तर पर मिलने वाली सहायता के साथ किसान के हिस्से की राशि तय होती है। बैंक लोन की सुविधा उपलब्ध होने पर किसान को पूरी लागत एक साथ नहीं जुटानी पड़ती।
सब्सिडी और किसान के हिस्से की वास्तविक राशि राज्य, योजना के घटक और स्वीकृत परियोजना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित राज्य की आधिकारिक गाइडलाइन देखना जरूरी है।

पुराने कृषि पंप को भी किया जा सकता है सोलराइज
अगर किसान के पास पहले से ग्रिड से जुड़ा कृषि पंप है, तो योजना के तहत उसका सोलराइजेशन भी कराया जा सकता है। सोलर पैनल से बनने वाली बिजली का इस्तेमाल किसान सिंचाई के लिए कर सकता है। जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर संबंधित DISCOM को अतिरिक्त बिजली बेचने का प्रावधान भी हो सकता है। इसका भुगतान राज्य के नियमों और निर्धारित टैरिफ के अनुसार किया जाता है।
जमीन पर सोलर प्लांट लगाने का विकल्प
PM-KUSUM के तहत किसानों और अन्य पात्र संस्थाओं को ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट लगाने का अवसर भी दिया जाता है। इसमें किसान, किसानों के समूह, सहकारी समितियां, पंचायत, FPO और जल उपयोगकर्ता संघ जैसी संस्थाएं पात्र हो सकती हैं।
इन परियोजनाओं से पैदा होने वाली बिजली DISCOM द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और टैरिफ के अनुसार खरीदी जा सकती है। यदि किसान खुद परियोजना की लागत नहीं जुटा पाता है तो डेवलपर या संबंधित DISCOM के माध्यम से परियोजना विकसित करने का विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है।
आवेदन कैसे करें?
PM-KUSUM के लिए आवेदन प्रक्रिया राज्य के संबंधित कार्यान्वयन विभाग और एजेंसी के माध्यम से होती है। अलग-अलग राज्यों में आवेदन के लिए पोर्टल और प्रक्रिया अलग हो सकती है। किसान को अपने राज्य की आधिकारिक PM-KUSUM वेबसाइट या संबंधित कृषि/ऊर्जा विभाग के पोर्टल पर जाकर पात्रता, उपलब्ध पंप क्षमता, सब्सिडी और आवेदन की शर्तों की जानकारी देखनी चाहिए।
किसानों को क्या फायदा होगा?
सोलर पंप का इस्तेमाल करने से सिंचाई के लिए डीजल पर होने वाला खर्च कम किया जा सकता है। दिन के समय सौर ऊर्जा से सिंचाई की सुविधा मिलने से खेती का संचालन आसान हो सकता है। इसके अलावा योजना के संबंधित घटकों के तहत अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है।
ध्यान दें: PM-KUSUM में सब्सिडी, पात्रता, पंप क्षमता और आवेदन की शर्तें राज्य तथा योजना के घटक के अनुसार अलग हो सकती हैं। आवेदन हमेशा संबंधित राज्य की आधिकारिक एजेंसी/पोर्टल के जरिए ही करें।
 

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