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Petrol Prices today: अमेरिका से भी महंगा इन देशों में पेट्रोल, नेपाल-बांग्लादेश से लेकर चीन-पाकिस्तान तक जानें आज के रेट

अमेरिका से भी महंगा इन देशों में पेट्रोल, नेपाल-बांग्ला

दुनिया में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर चर्चा में हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर दुनियाभर के फ्यूल मार्केट पर दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। इसके बावजूद भारत में 10 सितंबर 2026 को पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

दिलचस्प बात यह है कि कई पड़ोसी देशों में पेट्रोल की कीमत अमेरिका के मुकाबले ज्यादा है। नेपाल, बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों का स्तर अलग-अलग है और स्थानीय टैक्स, मुद्रा की कीमत तथा कच्चे तेल की लागत के कारण उपभोक्ताओं को ज्यादा भुगतान करना पड़ता है।

भारत में आज पेट्रोल कितना महंगा?

10 सितंबर को दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल करीब ₹103.54, कोलकाता में ₹113.51 और चेन्नई में करीब ₹107.74 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।

भारत में पेट्रोल की कीमतों में शहर और राज्य के हिसाब से बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आज देश में सबसे महंगा पेट्रोल आंध्र प्रदेश के चित्तूर में ₹118.34 प्रति लीटर बताया गया है, जबकि पोर्ट ब्लेयर में यह ₹88.66 प्रति लीटर है। यानी दोनों के बीच करीब ₹29.68 प्रति लीटर का अंतर है।

बांग्लादेश में पेट्रोल के दाम

बांग्लादेश में सितंबर महीने के लिए पेट्रोल की कीमत 140 टका प्रति लीटर तय है। वहां सरकार ने सितंबर में पेट्रोल, डीजल, ऑक्टेन और केरोसिन के दामों में बदलाव नहीं किया है। डीजल 115 टका और ऑक्टेन 145 टका प्रति लीटर है।

कच्चा तेल 100 डॉलर के पार

पेट्रोल की कीमतों पर सबसे बड़ा असर कच्चे तेल का पड़ता है। 10 सितंबर की सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 101.42 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि WTI करीब 96.67 डॉलर पर था। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

भारत के लिए महंगा क्रूड चिंता की बात है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। हालांकि, फिलहाल घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना कम बताई जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक क्रूड के दाम लंबे समय तक 110 डॉलर प्रति बैरल से काफी ऊपर रहने पर ही घरेलू कीमतों में अगला बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

तेल कंपनियों पर बढ़ रहा दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने के बावजूद घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने से तेल विपणन कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों को फिलहाल पेट्रोल पर करीब ₹5 प्रति लीटर और डीजल पर करीब ₹23 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।

ऐसे में आने वाले दिनों में अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर बनी रहती हैं, तो भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर दबाव और बढ़ सकता है।

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