Samachar Nama
×

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बड़ा उछाल: फुटेज में देखें 5 दिनों में दूसरी बार बढ़े दाम, आम जनता पर महंगाई की मार

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बड़ा उछाल: फुटेज में देखें 5 दिनों में दूसरी बार बढ़े दाम, आम जनता पर महंगाई की मार

देश में एक बार फिर आम जनता को महंगाई का झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज से औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब महज पांच दिन पहले, 15 मई (शुक्रवार) को ही पेट्रोल और डीजल के दामों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

तेल की कीमतों में हो रही इस तेजी के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव को माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच हालात बिगड़ने के बाद ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई पर असर की आशंका के चलते यह कीमतें तेजी से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इस अचानक बढ़ोतरी ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है।

तेल कंपनियों पर बढ़ते क्रूड ऑयल के दामों का भारी दबाव पड़ रहा था। लगातार बढ़ती लागत के कारण कंपनियों को अपने मुनाफे और घाटे के संतुलन को बनाए रखना मुश्किल हो रहा था। इसी दबाव के चलते तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता जारी रहने तक घरेलू बाजार में ईंधन के दामों में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे न केवल परिवहन लागत बढ़ेगी, बल्कि इसका सीधा असर खाद्य वस्तुओं, सेवाओं और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी देखने को मिल सकता है।

महंगाई की इस नई लहर से आम आदमी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। परिवहन सेवाएं, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत बढ़ने से कई सेक्टरों में कीमतें ऊपर जा सकती हैं।

आर्थिक विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं हुआ और कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहीं, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

फिलहाल देशभर के उपभोक्ता लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से परेशान हैं और सरकार व तेल कंपनियों की अगली घोषणा पर नजर बनाए हुए हैं।

Share this story

Tags