अगर आप आज (27 फरवरी) किसी काम से सरकारी बैंक जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इससे देश भर के पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की यह हड़ताल पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर की जा रही है।
इन बैंकों के कामकाज पर असर पड़ सकता है:
हड़ताल के कारण इन बैंकों के कामकाज पर असर पड़ सकता है: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, और पंजाब एंड सिंध बैंक। इन बैंकों की शाखाओं में कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरिंग और प्रशासनिक काम प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंकों पर कम असर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि उनके कर्मचारी हड़ताल में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। हालांकि, लॉजिस्टिक्स कारणों से कुछ जगहों पर ATM में कैश की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
हड़ताल पर SBI का बयान:
नौ यूनियनों के इस संयुक्त फोरम ने 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ सुलह बैठक के बेनतीजा रहने के बाद यह फैसला लिया। इन यूनियनों में बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। बैंक पहले से ही 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को बंद थे, इसलिए मंगलवार की हड़ताल से शाखा-स्तर की सेवाओं में लगातार तीन दिनों तक रुकावट आएगी।
SBI सहित कई पब्लिक सेक्टर बैंकों ने स्टॉक एक्सचेंजों को संभावित प्रभाव के बारे में सूचित किया है। SBI ने कहा कि बैंक ने हड़ताल के दिन शाखाओं और कार्यालयों में सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की है, लेकिन हड़ताल के कारण कामकाज फिर भी प्रभावित हो सकता है।
बैंक यूनियनों की मांगें:
यूनियनें मांग कर रही हैं कि सभी शनिवार को छुट्टी घोषित की जाए। बताया जा रहा है कि मार्च 2024 में IBA के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते में इस मांग पर सहमति बन गई थी, लेकिन सरकार की अधिसूचना का अभी भी इंतजार है। फिलहाल, बैंक हर महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के जनरल सेक्रेटरी सी.एच. वेंकटचलम ने न्यूज़ एजेंसी PTI को बताया, "काफी बातचीत के बाद भी, हमारी मांग पर हमें कोई आश्वासन नहीं मिला है, इसलिए हमें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।"
'यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं है'
इस बीच, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के जनरल सेक्रेटरी रूपम रॉय ने कहा कि मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और UFBU के बीच सभी शनिवार को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार हमारी जायज मांग पर कोई जवाब नहीं दे रही है। इससे काम के घंटों का कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि हम सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमत हो गए हैं।" UFBU की एक और यूनिट, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE) के जनरल सेक्रेटरी एल. चंद्रशेखर ने कहा, "यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक टिकाऊ, मानवीय और कुशल बैंकिंग सिस्टम के लिए है। पांच दिन का कार्य सप्ताह कोई लग्जरी नहीं है, बल्कि एक आर्थिक और मानवीय आवश्यकता है।"

