October 2026 Changes: 1 अक्टूबर से LPG, UPI, फ्लाइट टिकट और ATM से जुड़े नियम बदले, जानें आपकी जेब पर क्या असर होगा
अक्टूबर 2026 की शुरुआत के साथ रोजमर्रा के खर्च और बैंकिंग से जुड़े कई बदलाव लागू हो रहे हैं। इनमें LPG सिलेंडर, UPI पेमेंट, एविएशन फ्यूल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बैंकिंग और ATM ट्रांजेक्शन से जुड़े नियम शामिल हैं। कुछ बदलाव सीधे ग्राहकों के खर्च को प्रभावित कर सकते हैं, जबकि कुछ का असर खास परिस्थितियों में ही होगा।
1. कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
तेल कंपनियों ने अक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। प्रमुख शहरों में कीमत इस प्रकार है:
शहर नई कीमत पुरानी कीमत बढ़ोतरी
दिल्ली ₹2,810.00 ₹2,747.50 ₹62.50
कोलकाता ₹2,954.00 ₹2,884.00 ₹70.00
मुंबई ₹2,764.50 ₹2,701.00 ₹63.50
चेन्नई ₹2,983.00 ₹2,916.50 ₹66.50
14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में इस बदलाव के तहत कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
कॉमर्शियल गैस महंगी होने से रेस्टोरेंट, होटल और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ सकती है। इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
2. LPG सब्सिडी के लिए e-KYC जरूरी
सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी e-KYC से जुड़ा नियम लागू किया जा रहा है। जिन ग्राहकों का सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं होगी।
जिन ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाले रेट का लाभ लेने से पहले अपना सत्यापन पूरा करना होगा। e-KYC पूरा होने के बाद सब्सिडी की पात्रता के अनुसार लाभ मिल सकेगा।
3. UPI पेमेंट पर मर्चेंट चार्ज से जुड़ा बदलाव
15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होने का प्रावधान है। हालांकि, जिन छोटे कारोबारियों की मासिक UPI प्राप्तियां ₹1 लाख तक हैं, उनके लिए इस व्यवस्था में छूट का प्रावधान बताया गया है।
आम ग्राहकों के सामान्य UPI पेमेंट पर इसका सीधा असर नहीं होगा। P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांजेक्शन भी इस तरह के मर्चेंट चार्ज के दायरे में नहीं आते।
4. एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत बढ़ी
विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। घरेलू एयरलाइंस के लिए इसकी कीमत करीब ₹121 से बढ़कर ₹137 प्रति लीटर बताई गई है।
ईंधन एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ATF महंगा होने पर एयरलाइंस के खर्च पर दबाव बढ़ सकता है और इसका असर भविष्य में हवाई किरायों पर पड़ सकता है।
5. AC, TV और फ्रिज समेत इलेक्ट्रॉनिक्स हो सकते हैं महंगे
अक्टूबर से कई कंपनियों ने AC, LED TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में करीब 3% से 8% तक बढ़ोतरी की है।
कंपनियों की लागत पर कॉपर, स्टील और एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की कीमतों के अलावा कच्चे तेल और मुद्रा विनिमय दर में बदलाव का भी असर पड़ता है।
हालांकि, बाजार में पुराने स्टॉक की उपलब्धता के कारण कुछ ग्राहकों को त्योहारी सीजन में पुरानी कीमतों पर सामान खरीदने का मौका मिल सकता है।
6. RBI की रेपो रेट बैठक पर नजर
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित है। 7 अक्टूबर को रेपो रेट को लेकर फैसला सामने आएगा।
फिलहाल रेपो रेट 5.25% है। अगर RBI दर में बदलाव करता है तो इसका असर बैंकिंग ब्याज दरों पर पड़ सकता है। रेपो रेट बढ़ने पर लोन महंगे होने की संभावना रहती है, जबकि दर घटने पर कर्ज की ब्याज दरों में कमी का रास्ता खुल सकता है।
7. SBI ATM के फ्री ट्रांजेक्शन की लिमिट में बदलाव
SBI के सैलरी अकाउंट ग्राहकों के लिए दूसरे बैंक के ATM या ADWM से किए जाने वाले ट्रांजेक्शन की फ्री लिमिट में बदलाव किया गया है। अब ऐसे ग्राहकों को महीने में 5 फ्री ट्रांजेक्शन मिलेंगे, जबकि पहले यह संख्या 10 थी।
फ्री लिमिट खत्म होने के बाद अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर ₹15 प्लस GST का शुल्क लग सकता है। इसमें कैश निकालने के साथ निर्धारित अन्य ATM ट्रांजेक्शन भी शामिल हो सकते हैं।
अक्टूबर में इन बदलावों पर रखें नजर
अक्टूबर में लागू हो रहे इन बदलावों में कुछ का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ सकता है, जबकि कुछ बदलाव केवल विशेष परिस्थितियों में लागू होंगे। इसलिए LPG सब्सिडी लेने वाले ग्राहकों, UPI का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों और दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करने वाले SBI ग्राहकों के लिए संबंधित नियमों को समझना जरूरी है।

