महंगाई का नया रिकॉर्ड: मुंबई में ₹102 लीटर हुआ दूध, दिल्ली-NCR के पेट्रोल दामों को छोड़ा पीछे
मुंबई में महंगाई का असर अब रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। LPG के साथ CNG और PNG की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब दूध भी महंगा हो गया है। मुंबई में तबेले से मिलने वाले दूध के थोक भाव में सीधे 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।1 सितंबर 2026 से दूध की कीमत 93 रुपये से बढ़ाकर 102 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। यह थोक कीमत है। खुदरा बाजार में ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और अन्य खर्च जुड़ने के बाद दूध की कीमत करीब 112 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है।
अगर ऐसा होता है तो मुंबई में एक लीटर दूध की कीमत पेट्रोल से भी ज्यादा हो सकती है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत करीब 111 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जबकि दिल्ली-NCR में पेट्रोल लगभग 102 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है।
फरवरी 2027 तक लागू रहेंगी नई दरें
बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने दूध के थोक भाव में संशोधन किया है। नई कीमत 1 सितंबर 2026 से लागू हो गई है और 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 102 रुपये प्रति लीटर थोक कीमत है। ग्राहकों को खुदरा बाजार में इससे अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। खुदरा कीमत में दूध की ढुलाई, स्टोरेज, दुकान का किराया और दूसरे संचालन खर्च भी शामिल होते हैं।
दिल्ली-NCR के मुकाबले मुंबई में महंगा दूध
दिल्ली-NCR के नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में ब्रांडेड दूध की कीमत थोक स्तर पर करीब 72 रुपये प्रति लीटर के आसपास बताई जा रही है। वहीं, कुछ स्थानीय विक्रेता लगभग 80 रुपये प्रति लीटर में दूध बेच रहे हैं।
इस लिहाज से मुंबई में तबेले के दूध की नई थोक कीमत 102 रुपये प्रति लीटर काफी ज्यादा है। खुदरा बाजार में इसके 112 रुपये तक पहुंचने की स्थिति में मुंबई में दूध पेट्रोल से भी महंगा हो सकता है।
क्यों बढ़े दूध के दाम?
दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे डेयरी संचालन की बढ़ती लागत को प्रमुख वजह बताया गया है। पशुओं के चारे और दूसरी जरूरी चीजों की कीमत बढ़ने से दूध उत्पादकों का खर्च लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ पशु आहार की कीमतों में करीब 25 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। अनाज, तुअर चुन्नी और चना चुन्नी जैसे पशु आहार महंगे होने से डेयरी किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
एसोसिएशन का कहना है कि पशुओं के रखरखाव और चारे पर बढ़ते खर्च के बीच मौजूदा थोक कीमतों पर दूध उत्पादन जारी रखना उत्पादकों के लिए मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से दूध के थोक भाव में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
नई दरें फरवरी 2027 तक लागू रहेंगी, जिसके बाद दूध की कीमतों की दोबारा समीक्षा की जा सकती है।

