New Car Insurance Rules: नई कार खरीदते समय इंश्योरेंस को लेकर बदलेगा नियम, शोरूम की मनमानी पर लगेगी लगाम
अगर आप नई कार या बाइक खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो इंश्योरेंस से जुड़ी यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अक्सर वाहन खरीदते समय शोरूम की तरफ से ग्राहकों को वहीं से इंश्योरेंस लेने के लिए कहा जाता है। कई बार ग्राहक को दूसरे विकल्पों की जानकारी भी नहीं मिल पाती। अब इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी IRDAI इस प्रक्रिया में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है।
IRDAI ने मोटर इंश्योरेंस के डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर एक ड्राफ्ट प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत नई कार या बाइक खरीदते समय ग्राहकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी पसंद की इंश्योरेंस पॉलिसी चुनने का स्पष्ट विकल्प देना जरूरी हो सकता है। हालांकि, ये अभी प्रस्तावित नियम हैं और अंतिम नियम जारी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
कमीशन पर लगाम लगाने की तैयारी
IRDAI के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में करीब 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कमीशन में करीब 259 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक औसतन करीब 24 प्रतिशत तक कमीशन दिया जा रहा था और कुछ मामलों में यह 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसी कमीशन स्ट्रक्चर को लेकर IRDAI ने मोटर इंश्योरेंस की बिक्री के तरीके में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।
शोरूम में मिलेगा डिजिटल इंश्योरेंस का विकल्प
प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद वाहन डीलरों को अपने शोरूम में 'बीमा सुगम' जैसे डिजिटल इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म का QR कोड प्रमुख जगह पर प्रदर्शित करना पड़ सकता है।
ग्राहक इस QR कोड को स्कैन करके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पॉलिसियों को देख सकेंगे और अपनी जरूरत के मुताबिक इंश्योरेंस चुन सकेंगे। प्रस्ताव के अनुसार ऐसे प्लेटफॉर्म पर लगने वाली फीस को प्रीमियम के अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रखने की बात कही गई है।
थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस पर भी कमीशन घटाने का प्रस्ताव
IRDAI ने अनिवार्य थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस और नई गाड़ियों से जुड़े कुछ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर कमीशन कम करने का भी प्रस्ताव रखा है।
आंकड़ों के मुताबिक, थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस पर औसत कमीशन वित्त वर्ष 2023 में करीब 4.3 प्रतिशत था, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर लगभग 22 प्रतिशत हो गया।
बाहर से इंश्योरेंस लेने पर भी कैशलेस सुविधा
नई कार खरीदते समय कई ग्राहकों को यह कहा जाता है कि अगर उन्होंने शोरूम से इंश्योरेंस नहीं लिया तो दुर्घटना की स्थिति में कैशलेस रिपेयर की सुविधा नहीं मिलेगी।
IRDAI के प्रस्ताव में इस तरह की स्थिति को रोकने की बात कही गई है। प्रस्तावित नियमों के तहत केवल इसलिए ग्राहक को कैशलेस सर्विस से वंचित नहीं किया जा सकेगा क्योंकि उसने इंश्योरेंस किसी दूसरे माध्यम से खरीदा है।
VAHAN पोर्टल से जुड़ी जानकारी से मिलेगा फायदा
प्रस्ताव के तहत ग्राहक के सही मोबाइल नंबर को पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री यानी PIR के साथ शेयर करने और इसे परिवहन विभाग के VAHAN पोर्टल से मिलान करने की व्यवस्था की बात कही गई है।
इसका मकसद नई पॉलिसी जारी होने के बाद ग्राहक तक इंश्योरेंस से जुड़ी जरूरी जानकारी सीधे मैसेज के जरिए पहुंचाना है।
डीलरों के लिए भी बदलेंगे नियम
प्रस्तावित व्यवस्था में मोटर डीलरों के लिए इंश्योरेंस बेचने से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया जा सकता है।
जो डीलर इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटी यानी IDE की शर्तें पूरी करेंगे, उन्हें IDE के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ऐसे डीलर एक से ज्यादा इंश्योरेंस कंपनियों के प्रोडक्ट उपलब्ध करा सकेंगे।
वहीं, अन्य डीलरों को किसी IDE के पॉइंट ऑफ सेल्स पर्सन यानी PoSP के तौर पर जुड़ना पड़ सकता है या फिर किसी एक इंश्योरेंस कंपनी के सहयोगी के रूप में काम करना होगा।
अभी प्रस्ताव है, अंतिम नियम का इंतजार
IRDAI ने इन प्रस्तावित बदलावों पर संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। इसलिए अभी इन्हें अंतिम नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही पता चलेगा कि नई कार या बाइक खरीदते समय इंश्योरेंस लेने की प्रक्रिया में वास्तव में कौन-कौन से बदलाव लागू होते हैं।
अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो नई गाड़ी खरीदने वाले ग्राहकों को शोरूम के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से इंश्योरेंस विकल्पों को देखने और चुनने का अधिक स्पष्ट विकल्प मिल सकता है।

