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Navratri Special: गरबा के दौरान क्यों बढ़ती है कंडोम की बिक्री? जानिए GST से जुड़ी पूरी जानकारी

Navratri Special: गरबा के दौरान क्यों बढ़ती है कंडोम की बिक्री? जानिए GST से जुड़ी पूरी जानकारी

नवरात्रि के दौरान गुजरात में गरबा और डांडिया की धूम रहती है। इसी बीच हर साल कंडोम और गर्भनिरोधक दवाओं की बिक्री बढ़ने के दावे भी चर्चा में आ जाते हैं। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रिपोर्ट्स तक इस विषय पर कई तरह की बातें सामने आती हैं। लेकिन इन दावों के बीच एक सवाल यह भी उठता है कि भारत में कंडोम खरीदने पर कितना GST देना पड़ता है और क्या यह वास्तव में टैक्स-फ्री है?

कंडोम पर कितना लगता है GST?

दी गई जानकारी के अनुसार, भारत में कंडोम पर GST की दर शून्य है। यानी इस पर GST नहीं लगाया जाता। स्वास्थ्य और परिवार नियोजन से जुड़े उत्पादों को लेकर टैक्स की दरें समय-समय पर चर्चा में रहती हैं, इसलिए सही जानकारी के लिए सरकारी GST दर सूची देखना जरूरी है।

कंडोम का संबंध HSN कोड 40141010 से बताया जाता है। हालांकि, किसी उत्पाद की सटीक टैक्स श्रेणी और लागू दर की पुष्टि आधिकारिक GST अधिसूचना या संबंधित कर सूची से करनी चाहिए।

क्या 2025 में बदली थी कंडोम पर टैक्स की दर?

2025 में GST दरों में बदलाव को लेकर कई उत्पादों की चर्चा हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कंडोम पर GST दर में बदलाव नहीं किया गया था और इसकी दर शून्य बनी रही। इंटरनेट पर कुछ पुराने स्रोतों में 12% या 18% GST का उल्लेख मिल सकता है, लेकिन ऐसी जानकारी पर भरोसा करने से पहले वर्तमान आधिकारिक दर की जांच करना बेहतर है।

नवरात्रि में कंडोम की बिक्री बढ़ने के दावे कितने सही?

हर साल नवरात्रि और गरबा आयोजनों के दौरान कंडोम की बिक्री में बढ़ोतरी की खबरें सामने आती हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गुजरात में बिक्री 25% से 50% तक बढ़ने के दावे किए गए हैं। वहीं, कुछ पुराने दावों में गर्भनिरोधक दवाओं की बिक्री में लगभग 35% वृद्धि का जिक्र भी मिलता है।

हालांकि, इन आंकड़ों को देशव्यापी या सरकारी स्तर पर प्रमाणित आंकड़ा नहीं माना जा सकता। बिक्री में वास्तविक बढ़ोतरी का पता लगाने के लिए संबंधित अवधि के व्यवस्थित बाजार आंकड़ों की जरूरत होती है।

दुकानदारों के दावों पर कितनी निर्भरता?

कुछ रिपोर्ट्स में स्थानीय केमिस्ट और दवा विक्रेताओं के हवाले से बताया गया है कि नवरात्रि के दौरान कंडोम और गर्भनिरोधक दवाओं की मांग बढ़ सकती है। लेकिन अलग-अलग दुकानों, शहरों और वर्षों के अनुभव एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं है। इसलिए केवल दुकानदारों के अनुमान के आधार पर पूरे गुजरात या देश में बिक्री बढ़ने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

क्या है पूरी बात?

नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया के साथ कंडोम की बिक्री के दावे भी हर साल चर्चा में रहते हैं। लेकिन बिक्री में कितनी वृद्धि होती है, इसे प्रमाणित करने के लिए भरोसेमंद आंकड़ों की जरूरत है। वहीं, कंडोम पर लागू GST की सटीक जानकारी के लिए सरकारी कर सूची को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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